बलौदाबाजार : महिला एवं बाल विकास विभाग के काम-काज की समीक्षा

आंगनबाड़ी केन्द्र भी शामिल होंगे नरवा,गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना में
प्रत्येक आंगनबाड़ी के 10 बच्चों को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने का लक्ष्य

            

बलौदाबाजार, 12 जून 2019

कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी- नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना के अंतर्गत जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों को भी शामिल किया जाएगा। सुरक्षित घेरा एवं पानी की व्यवस्था वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों में योजना के अंतर्गत साग-सब्जी एवं फलदार पौधे उगाये जाएंगे। इससे बच्चों को पौष्टिक आहार भी मिलेगा। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र से 10-10 बच्चियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य दिया है। योजना में 10 साल की उम्र तक के बच्चों के नाम पर रकम जमा कराने पर 21 साल में आकर्षक ब्याज दर के साथ एकमुश्त रिटर्न मिलेगा। कलेक्टर श्री गोयल महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत गठित विभिन्न समितियों की बैठक में अध्यक्षता करते हुए इस आशय के निर्देश दिये हैं। बैठक में जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री एस.जयवर्धन, अपर कलेक्टर श्री जोगेन्द्र नायक सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल  की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री अमृत दुध योजना , सखी वन स्टाप सेंटर ,एकीकृत बाल विकास सेवा मुल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति, पोषण अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय अभिसरण समिति, एकीकृत बाल संरक्षण योजना अंतर्गत जिला स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार समिति तथा गुमशुदा बच्चों के प्रकरण में समुचित कार्रवाई करने गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की वर्ष 2018-19 के प्रथम त्रैमास हेतु समीक्षा बैठक योजनाओं में प्रगति की समीक्षा की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन द्वारा प्रत्येक विभागीय योजना के अंतर्गत प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी से समिति के सदस्यों को अवगत कराया। पूर्व बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुरूप प्रत्येक योजना  संबंधित विभागों द्वारा प्रेषित पालन प्रतिवेदन की संक्षेपिका भी जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा प्रस्तुत की गई।

प्रधानमंत्री वंदना योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने योजना हेतु लक्षित हितग्राहियों को पात्रता अनुसार लाभ दिलाने हेतु निर्देशित किया गया। अमृत दुध योजना की समीक्षा में प्रत्येक बुधवार को अनिवार्य रूप से सभी लक्षित हितग्राही बच्चों को दूध पिलाने तथा गुणवत्ता परीक्षण संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा स्वयं चखने के उपरांत ही  हितग्राहियों को दूध पिलाने को निर्देशित किया गया। सखी वन स्टाप सेंटर के संचालन समिति की समीक्षा में सखी वन स्टाप सेंटर में आश्रय हेतु प्रस्तुत होने वाले विक्षिप्त महिलाओं के लिए जिला चिकित्सालय में कक्ष आरक्षित किए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए स्वास्थ्य विभाग को इस ्संबंध में आवश्यक कार्रवाई किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। पोषण अभियान में जिले में कुपोषण की दर में आयी उल्लेखनीय 4 प्रतिशत  कमी लाने हेतु महिला बाल विकास विभाग के प्रयासो की सराहना समिति के द्वारा की गई। कलेक्टर द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज सभी बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु समस्त एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देशित करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपनी सहभागिता प्रदान करने की अपील की।

एकीकृत बाल संरक्षण योजना के बारे में विद्यालयों-छात्रावासों में जागरूकता सत्र आयोजन करने तथा उन्हे गुड टच-बैड टच, मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जानकारी देने हेतु कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा अकेले भटक रहे बालकों के संबंध में सूचना देने हेतु लगाए गए पोस्टर की सराहना करते हुए सभी सार्वजनिक एवं स्कूल बसों में उक्त पोस्टर को अनिवार्य रूप से लगाने हेतु निर्देशित किया गया। महिला बाल विकास विभाग की उक्त दिवस पर आयोजित 07 समीक्षा बैठकों में कृषि विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, समाज कल्याण , श्रम विभाग, आदिवासी विकास विभाग, शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों सहित जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री आदित्य शर्मा, सभी परियोजना अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, सखी केन्द्र प्रशासक, नवा बिहान संरक्षण अधिकारी एवं अन्य समस्त संबंधित कर्मचारी उपस्थित थे। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन द्वारा सभी उपस्थित अधिकारीगण का धन्यवाद ज्ञापन कर बैठक का समापन किया गया।

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