कैबिनेट के फैसले- जम्मू-कश्मीर में 6 महीने और राष्ट्रपति शासन, तीन तलाक बिल को मंजूरी

तीन तलाक बिल को भी कैबिनेट की मंजूरी दी गई है. पिछले महीने 16वीं लोकसभा भंग होने के साथ यह विधेयक निष्प्रभावी हो गया था क्योंकि यह संसद द्वारा पारित नहीं हो सका और यह राज्यसभा में लंबित था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय केबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में तीन अहम निर्णय लिए गए हैं. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी दी. प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.

पहला निर्णय-तीन तलाक 

को भी कैबिनेट की मंजूरी दी गई है. पिछले महीने 16वीं लोकसभा भंग होने के साथ यह विधेयक निष्प्रभावी हो गया था क्योंकि यह संसद द्वारा पारित नहीं हो सका और यह राज्यसभा में लंबित था. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने बताया कि बिल संसद में पेश किया जाएगा और विपक्षी दलों ने इस पर जो आपत्तियां दर्ज की थी, उन पर भी संज्ञान लिया जाएगा.

नया विधेयक 17 जून से शुरू हो रहे 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में पेश किया जा सकता है. बता दें कि सरकार दो बार तीन तलाक पर अध्यादेश लागू कर चुकी है. मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अध्यादेश 2019 के तहत, एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी और शून्य रहेगा और ऐसा करने वाले पति के लिए तीन साल के कारावास का प्रावधान रहेगा.

दूसरा निर्णय- जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले गांवों को भी आरक्षण मिलेगा. इससे पहले यह आरक्षण केवल एलओसी के करीब रहने वाले गांवों को मिलता था. 435 गांव और साढे़ तीन लाख से अधिक लोगों को इस आरक्षण का फायदा होगा.

तीसरा निर्णय- विश्वविद्यालयों में 200 पॉइंट रोस्टर जारी रहेगा और यूनिवर्सिटी को ही आरक्षण लागू करने की ईकाई माना जाएगा. इसके लिए बिल लाया जाएगा. जनरल कास्ट कोटे के लिए 50+10% रिजर्वेशन को जल्द से जल्द लागू किया जाएगा.

इसके अलावा कैबिनेट की मीटिंग में जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि छह महीने बढ़ाने पर फैसला लिया गया है. जम्मू कश्मीर में 2 जुलाई को राष्ट्रपति शासन समाप्त हो रहा है. कैबिनेट का नया नियम 3 जुलाई को शुरू होगा.

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