सांई प्रसाद की संपत्ति कुर्की का अंतरिम आदेश जारी किया डीएम ने

न्यायालय से अंतिम आदेश जारी होने पर होगी कुर्की

कोरबा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध कार्यवाही कर निवेशकों को उनकी राशि वापस दिलाने के अभियान में तेजी से काम किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने भी जिले की सांई प्रसाद कंपनी के विरूद्ध परिसंपत्तियों के कुर्की का अंतरिम आदेश जारी कर दिया है। इस कंपनी का कार्यालय सांई वन्दा काम्पलेक्स विजया टाकिज के पास टीपी नगर कोरबा में था, जो वर्तमान में बंद है। कंपनी के विरूद्ध बालकोनगर थाना में धारा 420, 406, 409, 120 बी 34 भादवि और छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 एवं ईनामी चिटफंड धन परिचालन अधिनियम 1978 की धारा 3, 4, 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कंपनी की इंदिरा व्यवसायिक सह आवासीय केंद्र एवं टीपी नगर कोरबा के अंतर्गत 2400 वर्ग फुट क्षेत्रफल के भूखंड और उस पर बने दो मंजिला पक्के मकान को कुर्की करने का अंतरिम आदेश कलेक्टर ने जारी किया है।

उक्त संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा के न्यायालय में भी प्रकरण विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा अंतिम आदेश जारी हो जाने पर संपत्तियों की कुर्की की जायेगी। आदेश के अनुसार बालकोनगर थाने में सांई प्रसाद कंपनी के विरूद्ध पंजीकृत अपराध क्रमांक 301/2015 के संबंध में तहसीलदार, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, निगम आयुक्त द्वारा संपत्तियों का परीक्षण कर प्रतिवेदन दिया गया है। तहसीलदार एवं एसडीएम के प्रतिवेदन के अनुसार मौजा कोरबा पटवारी हल्का नंबर 09 की भूमि खसरा नंबर 188/1/क/1 रकबा 109.35 हेक्टेयर नजूल भूमि के रूप में दर्ज है। उक्त भूमि इंदिरा व्यवसायिक सह आवासीय केंद्र एवं टीपीनगर कोरबा के अंतर्गत भूखंड क्रमांक 177 आकार 2400 वर्गफट गुरू शरण सिंह पिता नाहर सिंह क्षेत्रीय प्रबंधक मेसर्स सांई प्रसाद फुड्स लिमिटेड कोरबा को नगर पालिक निगम द्वारा 30 वर्षीय लीज पर 10 जून 2008 को उपलब्ध कराई गई थी। इसी भूखंड पर चिटफंड कंपनी का कार्यालय भी संचालित था जो वर्तमान में बंद है।
नगर निगम आयुक्त ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेखित किया है कि इस भूखंड और उस पर निर्मित दो मंजिला पक्के मकान के संबंध में किसी भी प्रकार की देनदारी एवं ऋण संबंधी दायित्व लीज लेने वाले गुरूशरण सिंह, मेसर्स सांई प्रसाद फुड्स लिमिटेड कोरबा के हैं। नगर पालिक निगम कोरबा ने अपने प्रतिवेदन में यह भी उल्लेखित किया है कि किसी भी प्रकार की देनदारी या ऋण संबंधी दावों की वसूली के लिए सक्षम प्राधिकारी या न्यायालय द्वारा कार्यवाही करके संपत्ति नीलाम की जाती है तो नीलामी की कार्यवाही के परिपालन में नगर पालिक निगम कोरबा के अभिलेख में नीलामी में संपत्ति क्रय करने वाले क्रेता के नाम पद दर्ज करने में नगर पालिक निगम को कोई आपत्ति नहीं है।

निष्पादित लीज डीड निरस्त कर संपत्ति का आधिपत्य लेने निगम को निर्देश

सक्षम सुनवाई के लिए कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक गुरूशरण सिंह को भी बताये गये पते पर नोटिस जारी किये गये, परंतु नोटिस तामिली रिपोर्ट के अनुसार गुरूशरण सिंह उल्लेखित पते पर नहीं हैं, फरार होना बताये गये हैं। जिला दण्डाधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि चूंकि संपत्ति नगर निगम कोरबा की है और उसे नगर निगम द्वारा संबंधित कंपनी के गुरूशरण सिंह को लीज पर प्रदान किया गया है। नगर निगम द्वारा प्रदाय लीज को निरस्त कर संपत्ति को पुन: नीलाम कर प्राप्त राशि को निवेशकों को प्रदाय किया जा सकता है। अत: निक्षेपकों के हितों के संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 7 के अनुसार संपत्ति के कुर्की का अंतिरिम आदेश जारी किया गया है और नगर निगम कोरबा को आदेशित किया गया है कि संपत्ति का सांई प्रसाद फुड्स लिमिटेड के पक्ष में निष्पादित लीज डीड को निरस्त कर संपत्ति का अधिपत्य भी प्राप्त कर लें।

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