बिजली कटौती की अफवाह फैलाने के आरोपी से हटाई गई राजद्रोह की धारा, CM भूपेश ने जताई थी नराजगी

डीजीपी डीएम अवस्थी ने धारा वापस लेने की पुष्टि कर दी है. राजद्रोह के संबंध में सबूत नहीं मिलने के बाद पुलिस ने ये निर्णय लिया है.

छत्तीसगढ़ में बिजली की कटौती के विरोध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल करने वाले पर राजद्रोह का केस दर्ज करने के मामले में पुलिस प्रशासन ने यू टर्न ले लिया है. आरोपी मांगीलाल अग्रवाल पर से राजद्रोह का मामला वापस ले लिया गया है. डीजीपी डीएम अवस्थी ने धारा वापस लेने की पुष्टि कर दी है. राजद्रोह के संबंध में सबूत नहीं मिलने के बाद पुलिस ने ये निर्णय लिया है.

मिली जानकारी के मुताबिक राजद्रोह का मामला दर्ज करने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने पुलिस अधिकारियों पर नाराजगी जताई थी. सीएम बघेल ने ही आरोपी के खिलाफ राजद्रोह की दर्ज धारा को हटाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने धारा हटाने की कार्रवाई की है. राजनांदगांव जिले के मांगीलाल अग्रवाल के खिलाफ राजद्रोह की धारा लगाकर उनकी गिरफ्तारी की गई थी. सीएम भूपेश बघेल ने मामले में फिर से जांच के निर्देश दिए हैं.
फवाह के बता गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़ में बिजली कटौती से जुड़ी अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में मांगीलाल अग्रवाल को बीते बुधवार को गिरफ्तार किया गया था. उसके खिलाफ आईपीसी के तहत राजद्रोह की धारा 124 ए और सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार की धारा 505/1/2 के तहत कार्रवाई की गई थी. मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने के बाद मांगीलाल पर से राजद्रोह की धारा हटा दी गई है.

वीडियो में सांठगांठ का आरोप लगाया
वायरल वीडियो में मांगीलाल अग्रवाल कह रहे हैं- “एक इंवर्टर कंपनी के साथ छत्तीसगढ़ सरकार की सेटिंग हो गई है. इसके लिए राज्य सरकार को पैसा दिया गया है. करार के मुताबिक घंटे- 2 घंटे में 10 से 15 मिनट के लिए लाईट कटौती होती रहेगी, तो इन्वर्टर बिक्री बढ़ेगी” बिजली कंपनी के विधिक सलाहकार एनकेपी सिंह ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी, जिसके बाद राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed