chhattisgarh : स्कूलों में सड़ी-गली सब्जियों वाले भोजन से बच्चे हो रहे बीमार

रायपुर। निजी संस्थाओं के जरिए स्कूली बच्चों को जो भोजन परोसा जा रहा है, उससे बच्चों को परेशानी भी उठानी पड़ रही है। तीन साल के भीतर छत्तीसगढ़ में 60 बच्चों को मध्यान्‍ह भोजन (मिड डे मील) खाने के बाद अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को जो आंकड़े मुहैया कराए हैं, वे इसकी तस्दीक भी कर रहे हैं।

राज्य में पिछले सालों में हालांकि भ्रष्टाचार का एक ही मामला दर्ज हुआ है पर नियमित रूप से जो मेन्यू के आार पर भोजन मिलना चाहिए, वैसा भोजन भी नहीं दिया जा रहा है। इसका खुलासा यहां आने वाली शिकायतों से हो रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो रायपुर समेत पूरे प्रदेश में पिछले एक साल के भीतर 15 जिलों से मिड डे मील की शिकायत हुई है। इसी तरह पिछले एक साल में टोल फ्री नंबर 18002331152 के जरिए करीब 30 शिकायतें पहुंची हैं, लेकिन इनमें करीब 10 प्रकरणों का निराकरण किया गया है।

पालकों से मिले फीडबैक के मुताबिक रायपुर में ही जिस संस्था को शहरी बच्चों को मिड डे मील परोसने का जिम्मा दिया गया है वह बहुत ही घटिया भोजन परोस रही है। कई बार पालकों ने शिकायतें भी की पर मामला चंद फाइलों में ही दबकर रह गया है।

गौरतलब है कि राज्य के 146 विकासखंडों में 31 हजार 278 प्राइमरी और 13 हजार 559 मिडिल स्कूलों में करीब 28 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार 250 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है।

इस तरह आ चुकी हैं शिकायतें

केस 01

एक साल पहले तिल्दा ब्लॉक के एक प्राइमरी-मिडिल स्कूल में एक पालक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बच्चों को कम भोजन और गुणवत्ताहीन एवं मैन्यू के आधार पर भोजन दिया जा रहा है। अफसरों ने जांच की पर कार्रवाई नहीं हुई। कमोबेश दूसरी रिपोर्ट्स में भी यही हालात है।

केस 02

मेन्यू में फल बांटने का भी प्रावधान है। सोयाबड़ी और इससे बनी चीजों से पकवाने बनाने का फरमान पर है पर रायपुर की कंपनी इस पर फोकस नहीं कर रही है। मैन्यू के आधार पर खाना नहीं मिलने की वजह से बच्चों को पोष्टिक भोजन भी नहीं मिल रही है। मस्तूरी के एक पालक ने कुछ ऐसी ही शिकायत की थी।

केस 03

हर दिन मिड डे मील की रिपोर्ट भेजने के लिए एप बनाया गया है। बच्चों से आधार कार्ड लिया गया पर अभी तक कोई अपडेट ही नहीं किया । ऑनलाइन रिपोर्ट भी नहीं भेजी जा सकी है।

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