वृद्धाश्रम का होना हमारी संस्कृति के क्षरण का परिचायक – बृजमोहन

जीना इसी का नाम है कार्यक्रम में अग्रवाल ने दिया सेवा का संदेश
रायपुर। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं में वृद्धाश्रम का कोई स्थान नहीं था। देश मे संयुक्त परिवार की परंपरा थी और यही हमारे समाज की असली पूंजी थी। परंतु दुर्भाग्य की बात है कि भारत जैसे परिवार प्रधान देश में अब वृद्धाश्रम चल रहे हैं। यहां वृद्धाश्रम का होना हमारी संस्कृति के क्षरण का परिचायक है। परंतु अब हमारा कर्तव्य है कि अपने समाज के बड़े बुजुर्गों की चिंता हम सभी मिलकर करें। जो वृद्धाश्रम में रह रहे हैं, ऐसे बड़े बुजुर्गों की तकलीफों, उनकी सुख-सुविधाओं का हम ध्यान तो रखें ही, साथ ही उनके साथ थोड़ा वक्त बिताएं। यही उनकी सच्ची सेवा होगी। श्री अग्रवाल ने यह बात तेलीबांधा स्थित वृद्धाश्रम “आश्रय” में सामाजिक संस्था क्रियेटिव आइस प्रमोशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम”जीना इसी का नाम है” के दौरान उपस्थित प्रबुद्धजनों के समक्ष कही। इस दौरान उन्होंने संस्था की ओर से आश्रम के बुजुर्गों को उपहार भी प्रदान किया।

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