मनरेगा के कार्यो को करा दिया गाड़ियों से,ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच,सचिव व रोजगार सहायक पर कार्यवाही करने की मांग

मनरेगा के कार्यो को करा दिया गाड़ियों से,ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच,सचिव व रोजगार सहायक पर कार्यवाही करने की मांग।

डबरियों के काम में सचिव, सहायक सचिव व पूर्व सरपंच ने किया गोलमाल।

बीजापुर-जहाँ देश में एक और कोरोना का कहर जारी है।कोरोना की वजह से अपने राज्यो और अपने घरों में पंहुचने के लिए देश के मजदूरों को कितनी यातनाएं सहनी पड़ रही है,ये किसी से छिपा नहीं है।जिले में ऐसे ही मजदूरों के हक छीनने से संबंधित गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया है। यह मामला पापनपाल ग्राम पंचायत का है जहां हितग्राहियों ने सचिव,रोजगार सशयक व सरपंच पर आरोप लगाया है कि उनके नाम पर पापनपाल पंचायत में डबरियों के निर्माण के लिए सरकारी राशि आयी थी।लेकिन गांव के पूर्व सरपंच,सचिव और सहायक सचिव ने सरकारी राशि का गबन कर लिया है।

दरसअल मनरेगा योजना के तहत पापनपाल पंचायत में 09 डबरिया स्वीकृत हुई थी। जिसमें 05 मत्स्य पालन के लिए और 04 डबरी का गहरीकरण का काम आया था।इन 09 डबरियों के हितग्राही लक्ष्मण कुड़ियम,बुड़गा, सम्मेंया झाड़ी, ललिगा, सम्मेंया अल्लुर, समैंया गांधरला, वंजा कुड़ियम, बुधराम, पागे समेया ने बताया कि हमारे यहां मनरेगा के तहत डबरियों का गहरीकरण और अनेक कार्य होने थे लेकिन इस कार्य में पूरी तरीके से अनियमितता बरती गई है।जो काम मजदूरों के द्वारा होने थे लेकिन समय और रुपए बचाने के लिए पंचायत सचिव रमेश कुड़ियम,सहायक सचिव और पूर्व सरपंच ने ट्रैक्टर मशीन से करवा कर सरकारी राशि का बंदरबांट कर लिया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी डबरियो का काम भी सही तरीके से नहीं किया गया।मजदूरों की जगह सारे डबरियो का काम बड़ी गाड़ियों से किया गया।हमने इसकी शिकायत जिला पंचायत व जनपद पंचायत में की लेकिन हमारी शिकायत पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं कि गई।उन्होंने कहा कि इसमें बड़े अधिकारी,कर्मचारी भी इस काम मे भ्रष्टाचारियों का साथ दे रहे है।वंही हितग्राही चाहते है कि उनकी डबरियों में अच्छे से कार्य हो नहीं तो डबरियों के लिए जो राशि आई थी वे उन्हें मिले जिससे कि वह स्वंय अच्छे से कार्य करवा सकें।

जिले के मजदूर रोजगार की तलाश में जाते है अन्य राज्य – जहां जिले के मजदूर अन्य राज्यो में मिर्ची तोड़ने और अन्य कार्य के लिए बाहर राज्यो की और रुख करते है। मनरेगा के तहत होने वाले कार्यो में अधिकांश कार्य मजदूरों से न कराकर बड़ी बड़ी गाड़ियों,मशीनों से कार्य किये जाते है।इन्ही भ्रष्टाचारियो की वजह से स्थानीय मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पाता और वे दूसरे राज्यो की और पलायन करने को मजबूर हो जाते है।

पोषण लाल चंद्रकार
सीईओ जिला पंचायत-मेरे पास अभी तक शिकायत नहीं पहुंची है।मुझे मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है।मैं अपने कर्मचारियों को गांव भेजूंगा और डबरियों का निरीक्षण करवाऊंगा।अगर कार्य में अनियमितता और लापरवाही बरती गई है तो अवश्य ही दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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