रमन सिंह जी! छत्तीसगढ़ के लोगों की याददाश्त कमजोर नहीं है – संदीप साहू

गांव गरीब गाय और किसानों के खेवनहार हमर भूपेश सरकार

रमन सिंह जी! छत्तीसगढ़ के लोगों की याददाश्त कमजोर नहीं है

योगेश साहू और बच्चू लाल यादव की आत्महत्या के साथ-साथ रमन सरकार में सीएम हाउस के सामने आत्महत्या के प्रयासों की आठ-आठ घटनाओं को लोग भूले नहीं हैं

रायपुर/01 जुलाई 2020। खेमराज सिन्हा के मामले में बयानबाजी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के सदस्य संदीप साहू ने पूछा है कि रमन सिंह जी विकलांग युवक योगेश साहू की मौत और उसके पीछे अपनी जिम्मेदारी को भूल गये क्या? छत्तीसगढ़ के लोगों की याददाश्त इतनी कमजोर भी नहीं है। 8 नवंबर 2017 को बच्चूलाल यादव के द्वारा कवर्धा सीएम हाउस के सामने आत्मदाह की घटना सबको याद है। बीरगांव उरला के रहने वाले योगेश साहू नामक विकलांग युवक तो नौकरी मांगने आया था, रमन सिंह से मिला भी था। रमन सिंह जी के शासनकाल में 8 लोगों ने मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्महत्या का प्रयास किया। 80 किसानों ने रमन सिंह सरकार के 15 सालों में आत्महत्या की।
साहू समाज के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी संचार विभाग के सदस्य संदीप साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में जब से भूपेश बघेल सरकार ने कमान संभाली है तब से छत्तीसगढ़ में गांव गरीब गाय और किसानों के खुशहाली के रास्ते खुल गए हैं। अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में भूपेश बघेल ने गांव गरीब गाय और किसानों के हित में इतने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसे देखकर कहा जा सकता है कि भूपेश सरकार छत्तीसगढ़ के पहचान को बढ़ावा देकर पूरे प्रदेश के अधोसंरचना आर्थिक विकास और खुशहाली के पायदान पर कदम दर कदम आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल ने जैसे ही कमान संभाली तब से उन्होंने अपने वादे के अनुसार गांव और गांव वासियों को उनके जमीन से ही जोड़कर प्रगति के पथ पर अग्रसर होने के लिए छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा गरवा घुरवा बारी को आधार बनाया। यह मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी एवं छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति उनकी आगाध निष्ठा के भाव को प्रदर्शित करता है।
नरवा गरवा घुरवा बारी जैसे छत्तीसगढ़ के गांव के इस पहचान को एक नए स्वरूप में स्थापित कर भूपेश बघेल ने जल संवर्धन गौ संवर्धन जैविक खेती एवं कृषि में फसल चक्र जैसे अनेक महत्व योजनाओं को लेकर अपना रूख स्पष्ट कर दिया है। इस प्रकार एक समृद्ध गांव से समृद्ध प्रदेश का स्वप्न साकार किया जा रहा है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को प्रतिमाह 35 किलो चावल, राशन कार्ड से स्वास्थ्य बीमा एवं मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड रोजगार उपलब्ध कराया गया है यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
खुले में घूमने वाले पशुओं से सड़कों पर दुर्घटना एवं फसलों को नुकसान पहुंचाने की समस्या आए दिन बनी रहती थी। जिसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने रोका छेका अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में हजारों गोठान का निर्माण किए और ग्राम समितियों को इनके संचालन का प्रभार सौंपा गया। साथ ही गोबर और गोमूत्र को भी गोपालक किसानों की आर्थिक समृद्धि का माध्यम बनाकर जैविक खाद एवं औषधीय उत्पादन को बढ़ावा दिया गया। छत्तीसगढ़ गांवों में बसा है और गांवों में लोगों की आजीविका का प्रमुख जरिया कृषि है। किसान, भूपेश बघेल सरकार के लिए सदैव प्राथमिकता में रहा है। छत्तीसगढ़ में पूरे देश में सर्वाधिक समर्थन मूल्य ₹2500 किसानों को प्रदान की गई जिससे किसानों में समृद्धि और विकास के द्वार खुले। इस वर्ष भी किसान न्याय योजना के तहत किसानों के खाते में हो उनकी अंतर राशि समाहित की गई।
संदीप साहू ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के भूपेश सरकार जिस प्रकार से गांव गरीब गाय और किसानों के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं निश्चित ही छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य की पंक्ति में लाने, जमीन से जुड़कर विकास पथ पर अग्रसर होने की दिशा में एक सार्थक प्रयास हुआ है। भूपेश बघेल जी की यही कार्यशैली उन्हें राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय नेतृत्व लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित करती है। गांव गरीब गाय किसान हितैषी और कर्मठ मुखिया भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सफलता खुशहाली और विकास के नए आयाम गढ़ेगा इसमें कोई संदेह नहीं है।

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