SBI जल्द ला रहा है EMI पर छूट के बाद नई स्कीम

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक अपने सभी रिटेल लोन की रिस्ट्रक्चरिंग के लिए प्लेटफार्म शुरू करने वाला है । अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनामिक टाइम्स की खबर के मुताबिक इस पोर्टल के जरिए ग्राहक लोन की रिस्ट्रक्चरिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसमें रिस्ट्रक्चरिंग के लिए पात्रता को भी देखा जा सकेगा। इस पोर्टल के 24 सितंबर तक शुरू हो जाने की उम्मीद है। इसमें सुझाव दिए जाएंगे, ग्राहक जान पाएंगे कि वे इसके लिए पात्र है या नहीं । यह अवधि 6 महीने से लेकर 2 साल तक हो सकती है। इस समय एसबीआई के ग्राहकों की संख्या दो करोड़ है। यह देश का सबसे बड़ा बैंक है। हालांकि बैंक कारपोरेट और एमएसएमई ग्राहकों से लोन रिस्ट्रक्चरिंग के आवेदन ब्रांच उसे स्वीकार करना जारी रखेगा। एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा है कि हमारे 30 लाख होम लोन ग्राहक है। अगर कोई अगर कोई पात्रता को चेक करना चाहता है तो यह पूरी तरह से ऑटोमेटिक होगा। हम इस प्रक्रिया को मैनुअली नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि सिस्टम आप की मौजूदा इनकम और अगले कुछ महीनों में अपेक्षित इनकम को चेक करेगा। इसके आधार पर वह 12 महीने से 2 साल तक के मोरटोरियम का सुझाव देगा हमारी योजना इसे 22 से 24 सितंबर तक शुरू करने की है।

रिस्ट्रक्चरिंग में लोन के रीपेमेंट की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा बैंक तय शर्तों के तहत ब्याज देनदारी की फ्रीक्वेंसी में बदलाव कर सकते हैं। यह हर एक मामले में अलग हो सकता है। रिस्ट्रक्चरिंग का विकल्प बिल्कुल अंत में चुना जाता है। ऐसा तब किया जाता है, जब कर्ज लेने वाले की ओर से डिफॉल्ट का जोखिम होता है। कोरोना की महामारी ने कई लोगों के सामने ऐसे ही स्थिति को खड़ा कर दिया है इससे लोगों की कर्ज अदायगी की क्षमता पर असर पड़ा है।