जेनहुआ डेटा लीक मामले में सरकार ने दिए जांच के आदेश

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के 10 हजार से ज्यादा हस्तियों और संगठनों की जासूसी के मामले में केंद्र सरकार ने बुधवार को एक कमेटी का गठन किया है यह कमेटी एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

सूत्र के अनुसार जेनहुआ डेटा लीक मामले में सरकार ने इन रिपोर्टों का अध्ययन करने, उनका मूल्यांकन करने, कानून के किसी भी उल्लंघन का आकलन करने के लिए नेशनल साइबर सिक्योरिटी कोआर्डिनेटर के तहत एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। कमेटी से 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।

सूत्रों के अनुसार सरकार ने उस रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त की है जिसमें बताया गया कि विदेशी सोर्स सहमति के बिना देश के नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा तक पहुंच रही है या फिर प्राप्त करने की मांग कर रही है।विदेश मंत्रालय चीन द्वारा भारत के प्रमुख हस्तियों की जासूसी करने को लेकर चीनी राजदूत के सामने मुद्दा उठा चीन ने इसके जवाब में कहा कि जेनहुआएक निजी कंपनी हैं और अपनी स्थिति को सार्वजनिक रूप से बता चुकी है।

ज्ञात हो कि इंडियन एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन की डाटा कंपनी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विपक्ष के प्रमुख नेताओं, कैबिनेट मंत्रियों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मुख्य न्यायाधीश तथा कई अन्य हस्तियों की जासूसी की है अखबार में यह भी कहा गया कि इस कंपनी का संबंध चीन की सरकार से है।