भिलाई महिला महाविद्यालय के शिक्षा विभाग में स्पोर्ट्स एक्टिविटी का हुआ आयोजन…
भिलाई महिला महाविद्यालय के शिक्षा विभाग में बी.एड.चतुर्थ सेमेस्टर की छात्राओं के लिए स्पोर्ट्स एक्टिविटी का आयोजन किया गया ।इस एक्टिविटी में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल जिसमे पिट्ठूल,गोली-चम्मच,सुई-धागा,म्यूजिकल दौड़ ,रस्सी दौड़,बिस्किट दौड़,एवं आलू दौड़,खेल रखे गए ।
भिलाई महिला महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा छाया क्लॉडियस ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल मिट्टी से जुड़े और शारीरिक,मानसिक मजबुती देने वाले होते है।ये खेल बिना किसी खर्च के,प्राकृतिक वस्तुओं का प्रयोग करके खेला जाता है और ये खेल ग्रामीण संस्कृति का अभिन्न अंग है।शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.मोहना सुशांत पंडित कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि खेल हमारे जीवन में बहुआयामी भूमिका निभाते है।छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल यहा की समृद्ध संस्कृति और ग्रामीण जीवन शैली को दर्शाती है ।खेलने से छात्राओ में अनुशासन,टीम वर्क,एवं स्वस्थ जीवन शैली का विकास होता है ।पिट्ठूल खेल में ग्रुप B विजेता रही जिसमे तृप्ति साहू,ख़ुशबू मार्कण्डेय,रानू,मोहरमानिया,इंदु ,
मीनल,राधिका,ख़ुशबू भुआर्य,भूमि साहू,सीमा, रोशनीला,धनमनी रही ।गोली -चम्मच दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर अस्मिता दूबे,द्वितीय स्थान पर सरिता ,तृतीय स्थान पर सीमा एवं सांत्वना पुरस्कार अदिति मौर्य रही।सुई-धागा दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान संयुक्त रूप से मोहरमनिया एवं रानू देवांगन ,द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से सीमा,आराधना ,तृतीय स्थान पर तारनी साहू एवं योगेश्वरी रही।रस्सी कूद में प्रथम स्थान पर प्रियंका सिंह,म्यूजिकल दौड़ में प्रथम स्थान पर गीतांजली,द्वितीय स्थान पर सुमन ,तृतीय स्थान पर मोहरमानिया
एवं सांत्वना पुरस्कार काजल सुधाकर को मिला ।बिस्किट दौड़ में प्रथम स्थान अस्मिता दूबे,द्वितीय स्थान भूमि साहू,एवं तृतीय स्थान पर खुशबू सरोज रही ।इसी तरह आलू दौड़ में प्रथम स्थान अस्मिता दूबे,सीमा ,द्वितीय स्थान अदिति मौर्य, रोशनीला एवं तृतीय स्थान पर राधिका ,इंदु,पूर्णिमा साहू रही ।इस कार्यक्रम की इंचार्ज शिक्षा विभाग की सहायक प्राध्यापिका रोमा टंडन थी ।कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षा विभाग की अन्य सहायक प्राध्यापिकाओं डॉ.हेमलता सिदार,डॉ.भावना चौहान,नाज़नींन बेग,आशा आर्य,काकोली सिंघा एवं सत्यम मिश्रा का योगदान रहा ।कार्यक्रम में बी.एड.चतुर्थ सेमेस्टर की छात्राओ ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया ।


