मुंबई में 12 साल की बच्ची के पेट से निकला एक किलो बालों का गुच्छा, चार साल से बाल खाने की थी आदत…
- मुंबई की एक 12 साल की बच्ची के पाट से बालों का बड़ा गुच्छा निकला है। इस बच्ची को बाल खाने की आदत थी। वह बीते लगभग चार साल से ऐसा कर रही थी। बच्ची की इस आदत के बारे में उसके माता-पिता को नहीं पता था।
मुंबई: मुंबई के डॉक्टरों ने एक दुर्लभ और जटिल मामले में 12 वर्षीय बच्ची के पेट से 16×14 सेंटीमीटर का बालों का बड़ा गुच्छा (ट्राइकोबेज़ोआर) निकालकर उसकी जान बचाई। यह गुच्छा पेट के करीब 90% हिस्से में फैला हुआ था और छोटी आंत तक पहुंच गया था। नारायणा हेल्थ चिल्ड्रंस हॉस्पिटल से मिली जानकारी के अनुसार, 12 वर्षीय ऋतुजा (परिवर्तित नाम)पिछले डेढ़ महीने से लगातार उल्टी, पेट भरा-भरा लगना और भूख कम लगने की समस्या झेल रही थी। अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों को पेट के ऊपरी हिस्से में गांठ महसूस हुई। इसके बाद किए गए सीटी स्कैन और अपर गैस्ट्रोइटेस्टिनल एंडोस्कोपी में पेट के भीतर बालों का बड़ा गुच्छा होने की पुष्टि हुई।
पेट से निकला बालों का गुच्छा
डॉक्टरों ने पहले एंडोस्कोपी के जरिए इसे निकालने की कोशिश की, लेकिन आकार बड़ा और सख्त होने के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसके बाद डॉक्टर ने ओपन सर्जरी का निर्णय लिया। तीन घंटे चले ऑपरेशन के बाद बच्ची के पेट से बालों का गुच्छा निकाला गया। बच्ची की हालत तेजी से सुधरी है।
3 से 4 साल से पेट में हो रहे थे जमा
अस्पताल के कंसल्टेंट गेस्ट्रोएट्रोलॉजी और हेपेटोलॉजी आदित्य कुलकर्णी ने बताया कि बाल पचता नहीं है। लबे समय तक निगलने पर ये पेट में जमा होकर ठोस गुच्छा बना लेते है। इस मामले में यह समस्या 3 से 4 साल से धीरे-धीरे विकसित हो रही थी। अस्पताल के वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. रसिकलाल शाह ने बताया कि इतने बड़े ट्राइकोबेजोआर को एंडोस्कोपी से पूरी तरह निकालना मुश्किल है। ओपन सर्जरी के जरिए ही इसे सुरक्षित तरीके से हटाया जा सकता है। हमारी टीम ने एक ही सत्र में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की।
क्या है ट्राइकोबेज़ोआर?
यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक बाल निगलता है, तो वे पेट में जमा होकर एक ठोस गुच्छा बना लेते है, जिसे ट्राइकोबेजोआर कहा जाता है। यह समस्या अक्सर ट्राइकोटिलोमेनिया (बाल तोड़ने की आदत) और ट्राइकोफेजिया ( बाल खाने की आदत ) से जुड़ी होती है, जो मानसिक तनाव या चिंता के कारण विकसित हो सकती है।