June 5, 2026

बीजापुर में “कागजी विकास” का खेल उजागर,PMGSY सड़कों पर उठे बड़े सवाल।।

घटिया निर्माण,पेड़ों की कटाई और अब अधिकारियों का बयान आया सामने।

बीजापुर- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत जिले में बन रही सड़कों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। नेलाकांकेर–कमलापुर सड़क निर्माण में सामने आई खामियों ने पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निर्माण में भारी अनियमितताएं-जांच और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार—

तय मानकों की गिट्टी की जगह बड़े बोल्डरों का उपयोग
सीमेंट कम,रेत ज्यादा
क्युरिंग प्रक्रिया पूरी तरह नजरअंदाज इन लापरवाहियों के चलते निर्माण कार्य की मजबूती पर संदेह गहरा गया है।

बनते ही उखाड़ने लगे गिट्टी,हादसे का खतरा–

कई जगहों पर पुलिया और सड़क में शुरुआती दिनों में ही दरारें दिखने के साथ गिट्टी भी उखाड़ने लगी हैं जिससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

सैकड़ों सागौन एवं इमारती पेड़ों की कटाई—-

सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा पोकलेन मशीन से सैकड़ों बेशकीमती सागौन और अन्य इमारती पेड़ों को काटा गया। गिरे हुए पेड़ों को जलाए जाने की भी बात सामने आई है,जिससे लाखों रुपये की लकड़ी नष्ट हो गई और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा।

कागजों में विकास,जमीन पर सच्चाई कुछ और—-

करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर घटिया निर्माण सामने आ रहा है। इससे साफ है कि विकास के दावे कागजों तक सीमित रह गए हैं।

अधिकारी का पक्ष भी आया सामने—-

इस पूरे मामले पर पीएमजीएसवाय के सब इंजीनियर राजेन्द्र कुमार का कहना है—
“पुलिया का निरीक्षण करने के बाद यदि गुणवत्ताहीन निर्माण पाया जाता है,तो संबंधित ठेकेदार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

फिर भी कई सवाल बरकरार
क्या जांच निष्पक्ष होगी?
क्या दोषियों पर वास्तव में कार्रवाई होगी?या फिर मामला कागजों में ही दबा दिया जाएगा?

PMGSY बना सवालों के घेरे में—-

लगातार सामने आ रही शिकायतें यह संकेत दे रही हैं कि बीजापुर में PMGSY योजना अब जांच और पारदर्शिता की सख्त जरूरत में है।अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।।