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100% टैरिफ का खौफ धुआं-धुआं… US Fed का झटका भी फेल, शेयर बाजार में तूफानी तेजी…

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  • Stock Market Crash: शेयर बाजार में तबाही के संकेत विदेशों से मिल रहे थे, जो सीधे अमेरिका से जुड़े हुए हुए थे, लेकिन इनका बड़ा असर सेंसेक्स-निफ्टी पर देखने को नहीं मिला है.
  • अमेरिका से आईं बुरी खबरों से डरा नहीं भारतीय शेयर बाजार.

नई दिल्ली,17 सितंबर 2026:शेयर मार्केट में भारी तबाही के संकेत गुरुवार को मिल रहे थे, लेकिन ये फेल नजर आ रहे हैं. अमेरिका से आईं दो बुरी खबरों के चलते प्री-सेशन में भले ही सेंसेक्स-निफ्टी तेज गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे, लेकिन जैसे ही शेयर बाजार खुला, ट्रंप टैरिफ का खौफ धुआं-धुआं हो गया. हालांकि, दोनों इंडेक्स सुस्ती में जरूरी दिखाई दिए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज खुलने ही फिसला, तो अगले ही पल ग्रीन जोन में कारोबार करता हुआ नजर आया, कुछ ऐसी ही चाल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 की भी रही.

Sensex-Nifty में नहीं दिखा खौफ

शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,336 की तुलना में गिरावट लेकर 74,182 के लेवल पर जरूर खुला, लेकिन अचानक इसने अपनी चाल बदल ली और ट्रंप के 100% टैरिफ के डर से बेखौफ होकर तेज रफ्तार के साथ भागने लगे. खबर लिखे जाने तक ये BSE Sensex करीब 200 अंक चढ़कर 74,523 पर ट्रेड कर रहा था. बात NSE Nifty की करें, तो 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,217 की तुलना में मामूली गिरावट के साथ ओपन हुआ और फिर सेंसेक्स की तरह तेज रफ्तार पकड़कर 23,300 के पार जा पहुंचा.

इन शेयरों ने दिखाया दम

ग्लोबल टेंशन और निगेटिव सिग्नल के बीच भी दौड़ लगाते शेयर बाजार की रफ्तार को तमाम दिग्गज शेयरों ने सपोर्ट किया. बीएसई लार्जकैप में शामिल Eternal Share (2.20%), Bajaj Finance Share (1.60%) और BEL Share (1.40%) की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आया. इस कैटेगरी में शामिल 30 में से 20 शेयर ग्रीन जोन में कारोबार करते दिखे.

कल आई थी तगड़ी तेजी

गौरतलब है कि भारतीय शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी बीते कारोबारी दिन बुधवार को जोरदार तेजी लेकर क्लोज हुए थे. BSE Sensex दिनभर के कारोबार के बाद अंत में 332.63 अंकों की उछाल के साथ 74,336.45 पर बंद हुआ था, तो वहीं NSE Nifty ने 99 अंक की गिरावट लेकर 23,217.60 के स्तर पर क्लोजिंग की थी. हालांकि, इसके बाद में अमेरिका से दो खबरें आईं और ये धुआंधार तेजी गुरुवार को तेज गिरावट में तब्दील होने की आशंकाएं बढ़ गई थी, लेकिन ऐसे कुछ देखने को नहीं मिला.

US से आईं ये दो खबरें

Stock Market Crash का आशंका के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो इनमें से दो सिर्फ अमेरिका से जुड़े हुए थे. पहला US Fed Reserve ने पॉलिसी रेट हाइट (Interest Rate Hike) का ऐलान किया है. केविन वॉर्श के नेतृत्व में हुई फेड की बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है. इसके बाद अमेरिका में फेडरल फंड्स रेट 3.75% से 4% के दायरे में पहुंच गया है.

 

वहीं दूसरा बड़ा कारण भारत की टेंशन चरम पर पहुंचाने वाला है, क्योंकि अमेरिकी सीनेट में रूस पर नए प्रतिबंध लगाने वाले एक बिल को मंजूरी दे दी गई है. ये बिल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है और भारत Russian Oil Import करने वाले बड़े खरीदारों में शामिल है.