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बारिश के बीच स्कूलों में एक स्वर में गूंजा ‘वंदे मातरम्’, छात्रों, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों ने किया सामूहिक गायन…

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  • ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम में गूंजा राष्ट्रप्रेम का स्वर

राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- गरियाबंद में बारिश के बीच शुक्रवार को विद्यालय राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगे नजर आए। ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के आह्वान पर आयोजित ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के अंतर्गत नगर के विभिन्न विद्यालयों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों ने एक समय, एक लय और एक स्वर में राष्ट्रगीत का गायन कर देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

गरियाबंद नगर के सरस्वती शिशु मंदिर, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय एवं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विशेष आयोजन किए गए। सुबह 11 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षक अनुशासित पंक्तियों में खड़े हुए और सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। बारिश के बावजूद विद्यार्थियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। जैसे ही विद्यालय परिसर में एक साथ ‘वंदे मातरम्’ के स्वर गूंजे, पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो उठा। विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह और देश के प्रति गर्व की भावना स्पष्ट दिखाई दी। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में मुख्य अतिथि अधिवक्ता प्रशांत मानिकपुरी, मुख्य वक्ता पूरन सिंह, अध्यक्षता प्राचार्य आई.पी. साहू थे, वहीं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मुख्य अतिथि राधेश्याम सोनवानी, मुख्य अतिथि प्रकाश निर्मलकर और अध्यक्षता प्राचार्य अलका दानी ने किया।

*राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश*–

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश की गौरवशाली परंपरा, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम हैं। ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। सामूहिक गायन के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और एकता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता ताकेश्वरी साहू ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना जगाने वाला महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत रहा है। इसके माध्यम से देशभक्ति, मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय गौरव की भावना को अभिव्यक्ति मिली। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को समझने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को सत्यप्रकाश मानिकपुरी और अधिवक्ता लोकनाथ साहू ने भी संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम में एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया, इससे विशेष ऊर्जा और गर्व की अनुभूति हुई। सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाने का अनुभव न केवल उत्साहपूर्ण रहा, बल्कि इससे विद्यालय परिसर में एकता और अनुशासन की भावना भी मजबूत हुई।

 

*–तीन प्रमुख उद्देश्यों पर केंद्रित रहा आयोजन–*

‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के आयोजन के प्रमुख उद्देश्यों में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक चेतना को बढ़ावा देना शामिल रहा।

राष्ट्रभक्ति जागृत करना: नई पीढ़ी में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करना।

सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना: ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका से विद्यार्थियों को परिचित कराना।

सामूहिक चेतना विकसित करना: एक साथ, एक स्वर में गायन के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, सामूहिकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना विकसित करना।

 

बारिश के बीच विद्यालयों में गूंजे ‘वंदे मातरम्’ के स्वर ने पूरे वातावरण को देशभक्ति से भर दिया और ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रप्रेम, एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया।

 

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव, उपाध्यक्ष आसिफ मेमन, पूर्व पालिका अध्यक्ष मिलेश्वरी साहू, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष बिंदु सिन्हा, एल्डरमैन रितेश यादव, सेवक निषाद, पार्षद रेणुका साहू, पुष्पा साहू, मंजरी गुप्ता, माही यादव, सविता साहू, प्राचार्य चैनसिंह बघेल सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षक–शिक्षिकाएं उपस्थित थे।