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प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की प्रेस विज्ञप्ति…

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  • *प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ की दसवीं सांगठनिक बैठक में ‘इंद्रधनुष’ रंग हैं अनेक, भाव है एक- साहित्य का आयोजन*
  • *विधाओं की विविधता ही साहित्य को जोड़ती है. रचनाकार को समझना होगा कि उसके लेखन का अनुप्रयोग कितना हो रहा है- प्रो. [डॉ] देवेंद्रनाथ शर्मा*
  • *साहित्य की हर विधा- कविता, कहानी, निबंध, नाटक- जीवन के अलग- अलग रंगों की तरह है और इन सभी रंगों को मिलाकर ही साहित्य का संपूर्ण ‘इंद्रधनुष’ बनता है- तारकनाथ चौधुरी*
  • *जरूरत नहीं… आवश्यकता कहिए. ‘जरूरत’ उर्दू का शब्द है, जिसके लिए हिंदी में ‘आवश्यकता’ है. हिंदी को जरूरत की कोई आवश्यकता नहीं, हिंदी की अपनी आवश्यकताएं हैं- विनोद साव*
  • *हमारे शब्द ही हमारे कर्म होते हैं. अपने हर शब्द को बोलने से पहले तौलना बहुत जरूरी होता है. ‘इंद्रधनुष’ का आयोजन इसी उद्देश्य को लेकर किया गया है- आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा*
  • *साहित्य के आकाश में भावों के सात रंग बिखेरने के उद्देश्य से ‘आरंभ’ के बैनर तले हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष्य में इस विशेष साहित्यिक कार्यक्रम में शब्दों के इस ‘इंद्रधनुष’ से ‘आरंभ’ के आकाश को भावों के रंगों को सजाने के लिए आप सबका हार्दिक स्वागत है- प्रदीप भट्टाचार्य, अध्यक्ष- ‘आरंभ’*

*भिलाई [29 सितम्बर, 2026] :* प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के बैनर तले हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष्य में ‘इंद्रधनुष’ रंग हैं अनेक, भाव है एक- साहित्य कार्यक्रम भिलाई निवास के इंडियन कॉफ़ी हाउस सभागार में आयोजित हुई. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जाने माने शिक्षाविद् प्रो. डॉ. देवेंद्रनाथ शर्मा, अतिथि वक्ता व्यंग्यकार विनोद साव, विषय प्रवर्तन साहित्यकार तारकनाथ चौधुरी और अध्यक्षता ‘आरंभ’ के मुख्य सलाहकार आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने किया.

प्रारंभ में सरस्वती वंदना संध्या साटकर, ज्योत्सना बांबल पाटिल और शेफाली भट्टाचार्य ने सुमधुर सस्वर में किया. प्रारंभिक संचालन राकेश गुप्ता ‘रुसिया’ एवं काव्य पाठ का संचालन ‘आरंभ’ की महासचिव शायरा नुरूस्सबाह खान ‘सबा’ ने किया. स्वागत उद्बोधन ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने दिया. आभार व्यक्त अमृता मिश्रा ने किया.

कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन तारकनाथ चौधुरी ने साहित्य की विभिन्न विधाओं का ‘इंद्रधनुष’ विषय पर किया. अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि साहित्य की हर विधा- कविता, कहानी, निबंध, नाटक- जीवन के अलग-अलग रंगों की तरह है और इन सभी रंगों को मिलाकर ही साहित्य का संपूर्ण इंद्रधनुष बनता है. हम सभी के भीतर एक आकाश होता है जहाँ अनुभूतियों के रंग से इंद्रधनुष बनते रहते हैं. आज के समय में विधाओं के बीच संवाद की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया.

 

मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. डीएन शर्मा ने विषय को आगे बढ़ाते हुए कहा कि विधाओं की विविधता ही साहित्य को जन-जन से जोड़ती है. रचनाकार को समझना होगा कि उसके लेखन का अनुप्रयोग कितना हो रहा है समाज में. रचना में साहित्य का मूल धर्म परिभाषित होना चाहिए. मुख्य वक्ता विनोद साव ने मुख्य व्यक्तव्य के साथ अपनी एक व्यंग्य रचना ‘हिंदी और बिंदी’ का पाठ किया. साहित्य मर्मज्ञ मनीषी आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए बोले कि हम हैं तो भाषा में हैं, हम होंगे तो भाषा में होंगे. साहित्य की जगह भले कोने में हो, अंधेरे और गर्द गुबार में हो, वह ऐसी जगह है जहाँ से मनुष्य अपनी समग्रता को देख और पहचान महसूस और पृश्नांकित कर सकता है. साहित्य की जगह बची रहेगी क्योंकि समग्रता की चाह मनुष्य में कभी खत्म नहीं होगी.

साहित्यिक कार्यक्रम ‘इंद्रधनुष’ के इस आयोजन में ‘आरंभ’ के सुधि रचनाकार कविता, लघुकथा, गीत, ग़ज़ल, व्यंग्य, कहानी एवं रुबाई-दोहा-मुक्तक की प्रस्तुतियां दी. दीप्ति श्रीवास्तव, वीणा सिंह, डॉ. दीक्षा चौबे, वर्षा ठाकुर, अमृता मिश्रा, ज्योत्सना बांबल पाटिल, संध्या साटकर, माला सिंह, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, ब्रजेश मल्लिक, हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’, राकेश गुप्ता ‘रुसिया’, राजकुमार भल्ला ‘आर्य’, जलज ताम्रकार, नितिन गोस्वामी, शौकत इकबाल, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, शिवचरण दास गोयल, सुशील यादव, जीवन चंद्र हालदार, शुभेंदु बागची, त्रयम्बक राव साटकर ‘अंबर’, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ और जाविद हसन ‘भाईजान’ ने शब्दों के इस ‘इंद्रधनुष’ से ‘आरंभ’:के आकाश को भावों के रंगों से सजाया.

इस अवसर पर डॉ. भगवती साहू, शेफाली भट्टाचार्य, शांताराम पाटिल, आलोक कुमार चंदा, शानू मोहनन, घनश्याम कुमार देवांगन, ओमप्रकाश सिंह, प्रभात मंडल एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे.

अंत में अतिथि प्रो. डॉ. देवेंद्रनाथ शर्मा एवं विनोद साव को ‘आरंभ’ की तरफ से शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ व मोमेंटो देकर ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया.

 

ये जानकारी ‘आरंभ’ के प्रवक्ता जाविद हसन ‘भाईजान’, मीडिया प्रभारी सचिव डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ एवं सोशल मीडिया प्रभारी हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’ ने दी.

 

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