- जलभराव से भूजल रिचार्ज तक—GIS, ड्रोन सर्वे और डिजिटल तकनीक से बनेगी एकीकृत कार्ययोजना
भिलाई। भिलाई नगर निगम द्वारा शहर के एकीकृत शहरी जल प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत जलभराव, जल निकासी, वर्षाजल संरक्षण, भूजल रिचार्ज, पेयजल–सीवरेज सुरक्षा तथा जल गुणवत्ता को एक साथ लेकर वैज्ञानिक एवं डेटा आधारित कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
आयुक्त का बयान
नगर निगम आयुक्त ने कहा कि—
“भिलाई के जल प्रबंधन को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाने के लिए जलापूर्ति, ड्रेनेज, वर्षाजल, भूजल, सीवरेज और जल गुणवत्ता को एकीकृत दृष्टिकोण से देखना आवश्यक है। आधुनिक GIS, ड्रोन सर्वे और फील्ड डेटा के माध्यम से शहर की वास्तविक स्थिति का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे समस्याओं की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर वैज्ञानिक समाधान की योजना बनाई जा सके।”
प्रमुख हाइलाइट्स
🔹 जलभराव की वैज्ञानिक मैपिंग — जलभराव वाले क्षेत्रों की जियो-टैगिंग कर ड्रेनेज की रुकावट, क्षमता, अतिक्रमण एवं अन्य कारणों की पहचान।
🔹 वर्षाजल संरक्षण एवं भूजल रिचार्ज — उपयुक्त स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज वेल, रिचार्ज पिट एवं अन्य संरचनाओं की योजना।
🔹 पेयजल–सीवरेज सुरक्षा — GIS मैपिंग के जरिए संभावित क्रॉस-कनेक्शन, लीकेज एवं संदूषण जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान।
🔹 जल गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच — नगर निगम द्वारा चिन्हित 24 बोरवेलों सहित चयनित स्थानों पर जल गुणवत्ता का परीक्षण एवं संदूषण जोखिम का आकलन।
🔹 ड्रोन से बनेगा डिजिटल जल डेटाबेस — लगभग 75–80 वर्ग किमी क्षेत्र का UAV/ड्रोन सर्वे तथा लगभग 350 किमी सड़क एवं ड्रेनेज कॉरिडोर का सर्वे प्रस्तावित।
🔹 ‘JAL-RAKSHA Digital Twin’ — जला�




