Home गरियाबंद संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्ति के बाद भी शिक्षकों की समस्या बरकरार…

संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्ति के बाद भी शिक्षकों की समस्या बरकरार…

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  • दो साल से गणित के व्याख्याता के बिना पढ़ाई..

राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :– छत्तीसगढ़ के लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर द्वारा शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त किये जाने के बाद भी गरियाबंद जिले में शिक्षकों की पदस्थापना और संलग्नीकरण को लेकर समस्यायें सामने आ रही हैं। इसका असर अब विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ने लगा है।

आपको बता दें कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैनपुर, जिला गरियाबंद में पदस्थ श्रीमती लक्ष्मी देवांगन, व्याख्याता (एल.बी) विषय गणित को शैक्षणिक व्यवस्था के तहत शैक्षिणिक सत्र 2024 से शासकीय हाईस्कूल मदनपुर, विकासखण्ड – गरियाबंद में संलग्न किया गया है। जबकि मैनपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पिछले दो वर्षों से गणित विषय के व्याख्याता नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

 

मिली जानकारी के अनुसार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैनपुर के प्राचार्य ने 8 अक्टूबर 2026 को पत्र के माध्यम से जिले के उच्चाधिकारियों से इस स्थिति में मार्गदर्शन प्रदान करने का आग्रह किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि विद्यालय में विगत दो वर्षों से गणित विषय के व्याख्याता नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अध्ययन-अध्यापन में अत्यंत परेशानी हो रही है। गणित विषय की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

 

संलग्नीकरण पर रोक, फिर भी समाधान का इंतजार

 

शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त करने का उद्देश्य शिक्षकों की उपलब्धता के अनुरूप विद्यालयों में उनकी पदस्थापना सुनिश्चित करना और शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारु बनाना है। इसके बावजूद यदि किसी विद्यालय में दो वर्षों से गणित जैसे महत्वपूर्ण विषय के व्याख्याता का पद रिक्त है,तो यह विभागीय व्यवस्था और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरन पर सवाल खड़े करता है।

 

विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान कौन भरेगा ?

 

बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से गणित महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में दो वर्षों तक नियमित अध्यापन की व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

एक सवाल यह भी है कि जब शासन स्तर पर संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त करने के निर्देश दिये जा चुके हैं, फिर भी जिले का शिक्षा विभाग विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये कोई प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं कर पा रहा है ?

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दो साल से व्याख्याता नहीं, अब दो की पदस्थापना कैसे ?

 

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न, मैनपुर विद्यालय में गणित विषय के शिक्षकों की वास्तविक उपलब्धता और उनकी पदस्थापना को लेकर है। प्राचार्य के पत्र में दो वर्षों से गणित के व्याख्याता नहीं होने की बात कही गई है। दूसरी ओर, प्राप्त जानकारी के अनुसार,मूल पदस्थापना के तहत व्याख्याता लक्ष्मी देवांगन का वेतन मैनपुर से ही आहरित हो रहा है और अब इसी विद्यालय में एक अन्य गणित व्याख्याता की पदस्थापना की जा रही है। यदि ऐसा कुछ हुआ तो वेतन आहरण की समस्या संभावित होगी।