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Hair Care Tips: बाल झड़ने और रूखेपन से हैं परेशान? आंवला-भृंगराज समेत ये 5 चीजें आएंगी काम…

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लाइफस्टाइल: बालों का झड़ना, पतला होना और रूखापन कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है. ऐसे में लोग महंगे शैंपू और सीरम के साथ घरेलू उपाय भी आजमाते हैं. रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के मुताबिक, आंवला, भृंगराज, ब्राह्मी, शिकाकाई और रीठा का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है. जानिए इनका इस्तेमाल कैसे किया जाता है और बाल झड़ने की समस्या में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

बालों का झड़ना, पतला होना और रूखापन आजकल कई लोगों की समस्या बन गया है. इससे परेशान होकर लोग महंगे शैंपू, सीरम और हेयर मास्क का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हर बार मनचाहा परिणाम नहीं मिलता. ऐसे में कुछ लोग बालों की देखभाल के लिए पारंपरिक घरेलू और आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाते हैं. रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल ने लोकल 18 को बताया कि आंवला, भृंगराज, ब्राह्मी, शिकाकाई और रीठा जैसे पाउडर लंबे समय से बालों की देखभाल में इस्तेमाल किए जाते रहे हैं. इन्हें हेयर पैक या बालों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

डॉ. मोहम्मद इकबाल ने बताया भृंगराज का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से बालों और स्कैल्प की देखभाल के लिए किया जाता है. इसके पाउडर को पानी या हेयर ऑयल के साथ मिलाकर हेयर पैक बनाया जा सकता है. इसे बालों की देखभाल के नियमित रूटीन में शामिल किया जा सकता है. हालांकि, इससे बालों का झड़ना रुकने या नए बाल उगने की गारंटी नहीं है.

ब्राह्मी का नाम भी पारंपरिक हेयर केयर नुस्खों में शामिल है. इसके पाउडर को पानी के साथ मिलाकर हेयर पैक की तरह लगाया जा सकता है. इसका इस्तेमाल रूखे और बेजान बालों की देखभाल के लिए किया जाता है. पहली बार ब्राह्मी पाउडर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर है, क्योंकि कुछ लोगों को इससे जलन या एलर्जी हो सकती है.

शिकाकाई का इस्तेमाल पुराने समय से बाल धोने के लिए किया जाता रहा है. इसमें प्राकृतिक सैपोनिन पाए जाते हैं, जो बालों और स्कैल्प की सफाई में मदद करते हैं. इसे अक्सर आंवला और रीठा के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, शिकाकाई का अधिक इस्तेमाल कुछ लोगों के बालों को रूखा बना सकता है. इसलिए बालों की प्रकृति के अनुसार ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए.

आंवले में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसके पाउडर को पानी के साथ मिलाकर हेयर पैक के रूप में लगाया जा सकता है. वहीं, रीठा को प्राकृतिक क्लीनजर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. इसमें मौजूद सैपोनिन बालों और स्कैल्प की सफाई में मदद करते हैं. आंवला, शिकाकाई और रीठा को मिलाकर भी पारंपरिक रूप से बाल धोने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यदि बाल पहले से रूखे हैं, तो रीठे का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.

डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार, केवल किसी एक पाउडर का इस्तेमाल करने से बालों का झड़ना अचानक बंद नहीं हो जाता. बाल झड़ने के पीछे तनाव, पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारण और स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इन पाउडर को बालों की सामान्य देखभाल का हिस्सा माना जाना चाहिए, किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं. अगर बाल तेजी से झड़ रहे हैं, सिर पर जगह-जगह से बाल गायब हो रहे हैं या स्कैल्प में लगातार खुजली और लालिमा बनी हुई है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. सही कारण की पहचान होने पर ही उचित उपचार किया जा सकता है.