- माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव 20 अक्टूबर 2026 को रावघाट–रायपुर मेमू यात्री रेल सेवा को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना
रावघाट–रायपुर मेमू यात्री रेल सेवा का शुभारंभ 20 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय उपस्थित रहेंगे। छत्तीसगढ़ के माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, राज्यसभा के माननीय सांसद श्री राजीव शुक्ला, श्रीमती रंजीत रंजन एवं श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, महासमुंद की माननीय सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, कांकेर के माननीय सांसद श्री भोजराज नाग, दुर्ग के माननीय सांसद श्री विजय बघेल तथा रायपुर के माननीय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
रावघाट तक रेल संपर्क का विस्तार बस्तर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सेल की रावघाट लौह अयस्क खदानों के विकास में लगभग तीन वर्ष का समय लगने की संभावना है, लेकिन रेल संपर्क के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को अभी से बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं व्यापार के अवसरों तक पहुँच आसान होगी और बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों का छत्तीसगढ़ तथा देश के अन्य हिस्सों से संपर्क मजबूत होगा।
लगभग 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना की परिकल्पना वर्ष 2008 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अंतर्गत की गई थी। इस परियोजना का विकास भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल), भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) तथा भारतीय रेल के संयुक्त प्रयासों से किया गया है। ₹1,880 करोड़ से अधिक की अनुमानित परियोजना लागत के विरुद्ध सेल अब तक लगभग ₹1,735 करोड़ का निवेश कर चुका है। बीएसपी ने रेल लाइन निर्माण, रेलवे स्टेशनों के विकास तथा विद्युतीकरण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहयोग प्रदान किया है।
यह परियोजना बस्तर के भविष्य में महत्वपूर्ण निवेश का प्रतीक है। चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों तथा वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्ग के बावजूद, विभिन्न हितधारकों के समन्वित प्रयासों से परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह पहल महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना के विकास तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास के लाभ पहुँचाने के प्रति सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
दल्लीराजहरा से ताड़ोकी के बीच यात्री रेल सेवा वर्ष 2022 में प्रारंभ हुई थी, जिससे इस मार्ग के आसपास के निवासियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिली। अब रावघाट तक यात्री रेल सेवा का विस्तार इस नेटवर्क को और सुदृढ़ करेगा तथा क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन और अवसरों के नए द्वार खोलेगा। सेल की रावघाट लौह अयस्क खदानों के विकास के साथ-साथ यह रेल संपर्क क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना सिद्ध होगा।
यह पहल राष्ट्र निर्माण के प्रति सेल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। लोगों को जोड़ने, विकास को गति देने और बस्तर को नए अवसरों से जोड़ने वाली यह रेल सेवा क्षेत्र की प्रगति एवं समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रावघाट तक रेल पहुँचने से बस्तर को नई पहचान मिलेगी और विकसित छत्तीसगढ़ तथा सशक्त भारत के संकल्प को बल मिलेगा।




