बीएसपी के विद्युत संगठन में राजभाषा कार्यशाला संपन्न

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के वेलफेयर बिल्डिंग क्रमांक-1 में स्थित विद्युत संगठन के सभागार में विगत दिनों राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन विभाग प्रमुख, मुख्य महाप्रबंधक (विद्युत) श्री टी के कृष्णकुमार के मुख्य आतिथ्य एवं महाप्रबंधक (दूरसंचार) श्री प्रकाश की अध्यक्षता में किया गया।
कार्यक्रम में महाप्रबंधकगण सुश्री एस लक्ष्मी, श्री ए के डे, श्री मानस रंजन रथ, श्री आर आर ठाकुर, उप महाप्रबंधक श्री अनुरोध दाढ़े, सहायक महाप्रबंधक श्री एस के दास, उप प्रबंधक सुश्री अभिलाषा पेठे, कनिष्ठ प्रबंधक श्री चुनेश्वर कुमार नायक, कनिष्ठ अभियंता श्री संजय कुमार कौशल, श्री चन्द्र शेखर साहू, सुश्री आशा गोखले, श्री गुलाब चंद महेश्वर, जेईए श्री मिथिलेश कुमार साहू, चार्जमेन श्री पी के होता, टेक्निकल असिस्टेंट श्री नीतीश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम में विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए महाप्रबंधक एवं विभागीय राजभाषा समन्वय अधिकारी श्री रंजन कुमार पंडा ने बताया कि विभाग में अधिकाधिक कार्य हिंदी में किया जा रहा है और सांविधिक प्रावधानों का पालन भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान राजभाषा विभाग द्वारा सामान्य ज्ञान पर आधारित हिंदी भाषा में एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर 05 प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया गया और उन्हें पुरस्कार वितरित किए गए। पुरस्कार विजेताओं की सूची में सहायक महाप्रबंधक (सीआरएमई) श्री स्वयं प्रकाश गुप्ता ने प्रथम स्थान, महाप्रबंधक (एचएमई) मोहम्मद अशरफ सिद्दीकी द्वितीय स्थान, महाप्रबंधक (दूरसंचार) श्री एच आर सिरमौर तृतीय स्थान प्राप्त किया। महाप्रबंधक (पीएसडी) श्री बेन्सी जॉर्ज ने एवं महाप्रबंधक (एचएमई) श्री जे के पाणिग्रही ने प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त किया।
कार्यशाला में अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री टी के कृष्णकुमार ने कहा कि हिंदी हमारे देश की प्रमुख भाषा है, यह आम जनमानस की भाषा है और हृदय को छूती है। विद्युत संगठन ने राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग में वृद्धि हेतु सतत प्रयास किया है। विद्युत विभाग शतप्रतिशत पत्राचार हिंदी में करने को प्रतिबद्ध है, और यही कारण है कि विभाग को राजभाषा के पुरस्कार प्राप्त होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय भाषाएँ संस्कृत पर आधारित हैं, केवल लिपि का अंतर है। थोड़ी कोशिश करने से हिंदी में काम किया जा सकता है, हम ‘क’ क्षेत्र में रहते हैं, अतः हमें सभी कार्यालयीन कार्य हिंदी में ही करने चाहिए।
उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन-राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों की जानकारी दी और ऑनलाइन गूगल वॉइस टाइपिंग का प्रशिक्षण दिया। साथ ही ऑनलाइन नोटशीट सिस्टम SAP में हिंदी में नोटशीट बनाने का सजीव प्रदर्शन भी किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को राजभाषा हिंदी में समस्त कार्य करने हेतु शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन विभागीय हिंदी समन्वय अधिकारी महाप्रबंधक (एचएमई) श्री रंजन कुमार पंडा ने किया एवं कार्यक्रम का संचालन कनिष्ठ प्रबंधक श्री चुनेश्वर कुमार नायक ने किया।
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