हरियाणा के रोहतक में आया 3.3 तीव्रता का भूकंप, धरती के 10 किमी गहराई में था केंद्र…
बुधवार की रात 12:46 बजे हरियाणा के रोहतक में भूंकप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.3 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र रोहतक शहर से 17 किलोमीटर पूर्व, 10 किलोमीटर की गहराई में था। हालांकि झटका हल्का था, मगर खेरी सांपला और खरखौदा जैसे इलाकों में लोगों ने 2 से 5 सेकंड तक कंपन महसूस किया।
अब तक किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप ऐसे समय पर आया जब तापमान करीब 29.7 डिग्री सेल्सियस था और अधिकांश लोग अपने घरों में गहरी नींद सो रहे थे। कुछ ने जमीन में हलचल महसूस की, जिससे वे सतर्क हो गए।
बार-बार आ रहा भूकंप
बीते चंद दिनों में ये चौथ भूकंप है। इससे पहले 11 जुलाई को, झज्जर जिले में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके कुछ घंटे बाद उसी क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप आया। 10 जुलाई से रोहतक के 40 किलोमीटर के भीतर 2.5 से ऊपर की तीव्रता वाले चार भूकंप आए थे। वहीं इसी सप्ताह दिल्ली-एनसीआर के निवासियों ने इन पहले के झटकों को महसूस करने की सूचना दी।
क्या कहते है विशेषज्ञ?
हरियाणा जोन-IV (उच्च भूकंपीय जोखिम) में स्थित है, जहां मामूली भूकंप आना आम बात है लेकिन शायद ही कभी विनाशकारी होते हैं। इस क्षेत्र में 300 किलोमीटर के भीतर हर साल 4 से ऊपर की तीव्रता वाले 3 भूकंप आते हैं। बुधवार की रात भूकंप के झटके के बाद, निवासियों ने राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र को अपने अनुभव भूकंम्प ऐप पर शेयर किए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के क्लस्टर इंडो-गंगा के मैदानों के नीचे छिपे हुए दोषों के साथ तनाव समायोजन का संकेत दे सकते हैं।
रोहतक में कब आया था सबसे तेज भूकंप?
डेटा से पता चलता है कि रोहतक का सबसे मजबूत हालिया भूकंप 2012 में 5.1 तीव्रता का था, जबकि पास का सबसे घातक भूकंप 1991 का उत्तरकाशी भूकंप (6.8 तीव्रता) था।
लोगों को किया जा रहा जागरूक
बार-बार आने वाले भूकंपों के कारण लोगों में भूकंप के प्रति जागरूकता बढ़ी है और स्कूलों में सुरक्षा अभ्यास कराए जा रहे हैं, साथ ही परिवार भी आपदा प्रबंधन योजनाओं पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।