गोंडवाना समाज का आंदोलन— आदिवासी महिला को न्याय की मांग पर बेलरगांव पूरी तरह बंद…
- आरोपी भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग तेज, गोंडवाना समाज ने दी चेतावनी — “न्याय न मिलने पर होगा जिला स्तरीय आंदोलन”
नगरी।ग्राम पंचायत बेलर में गुरुवार 9 अक्टूबर को गोंडवाना समाज सेवा समिति (युवा प्रभाग) के नेतृत्व में एकजुट होकर आदिवासी समाज ने बेलर बंद एवं जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन का उद्देश्य 3 अक्टूबर 2025 को एक आदिवासी महिला के साथ हुए कथित छेड़छाड़ और दुष्कर्म प्रयास के आरोपी मनोहर दास मानिकपुरी (पदच्युत अध्यक्ष, भाजपा मंडल बेलरगांव) की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करना था।
सुबह से ही बाजार, दुकानों, परिवहन और सरकारी संस्थानों को पूरी तरह बंद रखकर समाज के लोगों ने प्रशासन के प्रति अपना रोष प्रकट किया। आंदोलन के दौरान भारी संख्या में समाज के सदस्य, महिलाएं और युवा सड़कों पर उतरे और नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की।
धरना स्थल पर समाज के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि “आदिवासी समाज अपनी माताओं-बहनों के सम्मान से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को राज्यस्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
यह पूरा मामला 03 अक्टूबर की रात का है जब आरोपी ने कथित रूप से महिला के घर में घुसकर दुष्कर्म का प्रयास किया था। पीड़िता द्वारा 07 अक्टूबर को थाना बोराई में एफआईआर दर्ज कराने के बाद भी, आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक महिला के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की अस्मिता पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
सभा में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि:
क्षेत्र की विधायक अंबिका मरकाम, पूर्व विधायक श्रवण मरकाम, प्रमोद कुंजाम, वेदप्रकाश मांडवी, सुरेश कोर्राम, राजेश मरकाम, दिनेश मांडवी, पोखन नेताम, चैतन नेताम, सुभाष सौरी सहित बड़ी संख्या में गोंडवाना समाज के सदस्य, महिला मंडल और युवा वर्ग शामिल हुए।
सभा के अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति आदिवासी समाज की महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “न्याय मिलने तक यह आंदोलन नहीं रुकेगा, बल्कि और भी प्रखर रूप लेगा।”
