March 7, 2026

धनतेरस कब है 18 या 19 अक्टूबर, जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त…

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Dhanteras 2025 Shubh Muhurat : दिवाली का त्योहार धनतेरस से शुरू हो जाता है, जो हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन बर्तन, सोना, झाड़ू आदि खरीदने का विशेष महत्व होता है। साथ ही, भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। वहीं, इस बार कंफ्यूजन बनी हुई है कि धनतेरस 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा या 19 अक्टूबर को। तो आइए विस्तार से जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त…

पंचदिवसीय त्योहार दिवाली जल्द ही शुरू होने वाला है, जिसका आरंभ धनतेरस से होता है। वहीं, भाई दूज के साथ इसका समापन होता है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धनतेरस के दिन खरीदारी करने का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से अरोग्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। हालांकि, इस बार धनतेरस की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि यह त्योहार 18 को मनाया जाएगा या 19 अक्टूबर को। तो आइए जानते हैं कि इस बार धनतेरस का पर्व सही तिथि और शुभ मुहूर्त का समय क्या रहेगा।

धनतेरस 2025 कब है?

18 अक्टूबर, शनिवार के दिन त्रयोदशी तिथि का आरंभ दोपहर में 12 बजकर 20 मिनट से होगा। वहीं, 19 अक्टूबर, रविवार को दोपहर के 1 बजकर 52 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्त होगी। शास्त्रों के अनुसार, जिस दिन प्रदोष काल में कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि लगती है। उसी दिन धनतेरस का त्योहार मनाने की परंपरा है। ऐसे में 18 अक्टूबर के दिन यह त्योहार मनाया जाएगा। वहीं, 19 अक्टूबर को भी त्रयोदशी तिथि व्याप्त हो रही है। ऐसे में जो लोग 18 तारीख को खरीदारी न कर पाएं वे 19 तारीख को दोपहर के 1 बजकर 52 मिनट पर भी खरीदारी कर सकते हैं। यानी इस बार आप धनतेरस 18 और 19 अक्टूबर दो दिन मना सकते हैं।

 

धनतेरस 2025 शुभ मुहूर्त

18 अक्टूबर, शनिवार को प्रदोष काल का मुहूर्त शुभ रहेगा। इस दिन शाम के 4 बजकर 48 मिनट से लेकर शाम के 6 बजकर 18 मिनट तक का समय सबसे उत्तम रहेगा।

18 अक्टूबर, धनतेरस के शुभ मुहूर्त

दिन का चौघड़िया

चल चौघड़िया : दिन के 12 बजकर 6 मिनट से 1 बजकर 31 मिनट तक

लाभ चौघड़िया : दिन के 1 बजकर 31 मिनट से 2 बजकर 57 मिनट तक

अमृत चौघड़िया : दिन के 2 बजकर 57 मिनट से लेकर 4 बजकर 22 मिनट तक

शाम का चौघड़िया

लाभ चौघड़िया : शाम के 5 बजकर 48 मिनट से 7 बजकर 23 मिनट तक

शुभ चौघड़िया : रात के 8 बजकर 58 मिनट से 10 बजकर 33 मिनट तक

चल चौघड़िया : रात में 12 बजकर 4 मिनट से लेकर मध्य रात्रि 1 बजकर 39 मिनट तक

 

19 अक्टूबर, धनतेरस के शुभ मुहूर्त

चल चौघड़िया : सुबह के 7 बजकर 49 मिनट से 9 बजकर 15 मिनट तक

लाभ चौघड़िया : सुबह के 9 बजकर 15 मिनट से लेकर 10 बजकर 40 मिनट तक

अमृत चौघड़िया : सुबह के 10 बजकर 40 मिनट से दिन के 12 बजकर 6 मिनट तक

शुभ चौघड़िया : दोपहर के 1 बजकर 31 मिनट से 1 बजकर 52 मिनट तक

 

धनतेरस का क्या है महत्व

मान्यता है कि कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि के दिन समुद्र मंथन के वक्त धन्वंतरिजी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी के चलते इस तारीख को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। और यही वजह है कि इस तिथि पर बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान धन्वंतरि विष्णुजी के अंशावतार हैं। ऐसे में धनतेरस के दिन धन्वंतरि भगवान, विष्णुजी, माता लक्ष्मी, कुबेर देवता और यमराज की पूजा करने का महत्व होता है। धनतेरस के दिन बर्तन, चांदी, सोना, झाड़ू आदि खरीदना बेहद शुभ माना गया है। इस दिन खरीदारी करने से धन में 13 गुना वृद्धि हो सकती है।