March 6, 2026

उत्तर भारत में 8 जनवरी को हांड कंपा देने वाली ठंड और दक्षिण भारत में बारिश का अनुमान…

images (1)

लखनऊ : एक तरफ जहां उत्तर भारत में शीतलहर और ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त है. वहीं, दूसरी ओर कोहरे ने भी कोहराम मचाया है. आलम यह है कि पूरा उत्तर प्रदेश शीतलहर के प्रकोप में है और पारा लगातार नीचे ही गिरता जा रहा है. सर्द हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. वहीं, कोहरे ने भी सड़क और रेल यातायात को प्रभावित किया है. कोहरे की वजह से ट्रेनों की रफ्तार भी थम गई है. सड़कों पर लोगों को गाड़ी को चलाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. उत्तर प्रदेश में ठंड की वजह से स्कूल अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिए गए हैं. उत्तर से लेकर दक्षिण तक हर तरफ ठंड ने हाहाकार मचाया है. सर्दी के सितम ने लोगों को बेहाल कर रखा है आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सर्दी और ठिठुरन से क्या हालात हैं.

सहारनपुर में कड़ाके की ठंड, बढ़ीं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां

सहारनपुर में इस समय ठंड अपने चरम पर है. इस बार बारिश न होने के कारण जिले में सूखी ठंड पड़ रही है. जो सामान्य ठंड की तुलना में स्वास्थ्य के लिए अधिक हानिकारक मानी जा रही है. लगातार गिरते तापमान और ठंडी हवाओं के चलते आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया है. प्रशासन ने जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों को 14 जनवरी तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं, ताकि बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके.

 

प्रशासन की ओर से आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं. अलाव का सुरक्षित तरीके से उपयोग करें और जरूरतमंदों की मदद करें. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है. ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है.वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि सूखी ठंड में शरीर में नमी की कमी हो जाती है. जिससे ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, सांस की समस्या और जोड़ों के दर्द जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. उन्होंने विशेष रूप से अधिक उम्र के लोगों, बीपी, शुगर और हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को सलाह दी है कि वे अत्यधिक ठंड में घर से बाहर निकलने से बचें और सुबह-शाम खुले में टहलने से परहेज करें. डॉ. मिगलानी के अनुसार, “ठंड के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. ऐसे में गर्म कपड़े पहनना, गुनगुना पानी पीना और अनावश्यक बाहर निकलने से बचना बेहद जरूरी है.” उन्होंने यह भी कहा कि ठंड में अचानक तापमान परिवर्तन से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतना आवश्यक है.

फर्रुखाबाद में सर्दी ने किया बेहाल, 14 जनवरी तक स्कूल बंद

फरुखाबाद में लगातार पढ़ रही सर्दी एवं कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. फर्रुखाबाद शहर में पारा 7 डिग्री से भी नीचे गिर गया है. दिनभर आसमान में घना कोहरा छाया रहा. ऐसी सर्दी में आम जनमानस की दिनचर्या पर भी असर पड़ने लगा है. जहां पहले सुबह होते ही लोग सड़क व पार्को में टहलने को निकलते थे वहीं अब कड़ाके की सर्दी के चलते सड़क व पार्क सुनसान नजर आ रहे हैं. कड़ाके की सर्दी में के चलते लोग देर से अपनी दिनचर्या पर निकल रहे हैं. जिला प्रशासन ने कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालय 14 जनवरी तक के लिए बंद कर दिए हैं. कड़ाके की सर्दी के चलते रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर पड़ रहा है. एक तरफ यहां बाजारों में रौनक कम नजर आ रही है. वहीं, खेती पर काम करने वाले किसान भी कड़ाके की सर्दी के चलते खेतों में देर से काम करते नजर आ रहे हैं.

मुजफ्फरनगर में बढ़ी ठिठुरन

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में इन दोनों एक तरफ जहां सर्दी के सितम ने लोगों की मुश्किल बढ़ाई है तो वहीं दूसरी तरफ वायु गुणवत्ता ने भी लोगों का दम घोंट रखा है. हालत ये है कि सुबह शाम के घने कोहरे ने एक तरफ जहां वाहनों की रफ्तार धीमी कर दी है. वहीं, शीतलहर ने के चलते बाजारों से रौनक भी गायब है. बढ़ती सर्दी ने लोगों का स्वास्थ्य भी बिगाड़ दिया है एक तरफ जहां डॉक्टर बच्चे और बूढ़ों को इस सर्दी से बचने के उपाय बता रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने भी हालत को देखते हुए कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों को 8 जनवरी तक बंद करने के आदेश दिए हैं. जिला प्रशासन भी सर्दी से बचाव के लिए लगातार रैन बसेरो और अलाव की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है. प्रशासनिक अधिकारी रोज शाम के समय दिन ढलते ही सड़कों पर उतर कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते दिखाई पड़ते हैं. जिससे कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सर्दी में ठिठरने को मजबूर ना हो,

लखीमपुर में जबरदस्त कोहरा

लखीमपुर खीरी जिले में आज, 7 जनवरी को कोहरे के चलते सुबह के वक्त विजिबिलिटी करीब 10 मीटर से कम हो गई. जिसके चलते शहर और नेशनल हाईवे 730 पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है. अगर इक्का दुक्का वाहन निकल रहे हैं तो वह भी लाइट जला कर ही निकल रहे हैं. लखीमपुर में घने कोहरे के चलते लखीमपुर से धौरहरा की तरफ जाने वाली कई रोडवेज की कई बसों को कैंसिल कर दिया गया है. लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं. नेशनल हाईवे 730 पर और शहर के मुख्य स्थानों के नाम के लगे दिशा सूचक बोर्ड कोहरे में गुम से हो गए हैं. कोहरा और ठंड इतनी जबरदस्त है कि लखीमपुर की सरकारी मंडी में भी घने कोहरे की चादर लिपटी हुई है और खरीददारों की कमी से पड़ गई है.

देवरिया में हांड कंपाने वाली ठंढ़ बनी मुसीबत

उत्तर प्रदेश के देवरिया में पिछले दो हफ़्तों से ठंढ़ ने कोहराम मचा रखा है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. दिन में सर्द हवा और गलन बढ़ने से पारा काफी नीचे गिर जा रहा है. बुधवार की सुबह कोहरा तो हल्का रहा लेकिन तेज़ ठंढी हवा बढ़ने से ठिठुरन बढ़ गई है. जिला प्रशासन ने कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों को बंद करने के निर्देश जारी किए है. ठिठुरन के चलते लोग अलाव सेंकते नज़र आये मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार की न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतक 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह ठंढ़ का सितम जारी रहेगा. देवरिया शहर में जिला प्रशासन ने तीन अस्थायी रैन बसेरा बनाया है. लेकिन हर जगह अलावा नहीं जल रहा है. जिन सार्वजनिक जगहों को नगर पालिका ने चिन्हित किया है उन सभी जगहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे राहगीर को ठंढ़ में दिक्कतें हो रही है. सबसे महत्वपूर्ण रेलवे परिसर में कोई भी रैन बसेरा नहीं बनाया गया है. जिससे यहां पहुंचने वाले यात्रियों को इस कड़ाके की ठंढ़ में मुसीबत झेलनी पड़ रही है. कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ रही इस बार की ठंढ़ ने सभी को परेशान कर रखा है.

कानपुर में ठंड तोड़ रही सारे रिकॉर्ड

कानपुर में दिसंबर जनवरी की ठंड अब तक का सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है. आलम यह पर 5 डिग्री तक पहुंच चुका है. ठंड के आलम यह है कि दिनभर कोहरे की धुंध छाई रहती है. सुबह 10:00 बजे तक कोहरा ही कोहरा नजर आता है. ठंड के चलते प्रशासन ने जहां पहले स्कूल 4 तारीख तक बंद किए थे लेकिन ठंड का प्रकोप देखकर आठवीं तक के स्कूल 12 तारीख तक बंद कर दिए गए हैं. सड़क के किनारे रहने वाले गरीबों की हालत और गंभीर है ठंड से कांप रहे है आग ही उनका सहारा है. ट्रेनें लेट चल रही हैं. हॉस्पिटल ब्रेन अटैक और हार्ट अटैक के मरीजों से फुल हैं. खुद प्रशासन को कई बार एडवाइजरी जारी करनी पड़ी की ठंड से अपना बचाव करें.जरूरत हो तभी बाहर निकले बच्चों को बुजुर्गों को बाहर निकलने से परहेज करें.

 

कानपुर बिजनेस सेंटर है. उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा थोक बाजार का कारोबार यहां होता है. लेकिन ठंडी के चलते मार्केट भी ठंडा है व्यापारी ठंडी के चलते हैं. व्यापार करने कम आ रहे है.मौसम विभाग की मानें तो भी चार-पांच दिन ठंडी का प्रकोप और जारी रहेगा. लोगों का मानना है कि मकर संक्रांति के बाद ही ठंडी का असर कम होगा. डीएम जितेंद्र कुमार सिंह ठंडी में शहर का ज्यादा लेने के लिए रोज अपनी टीम के साथ रात में निकल रहे हैं रैन बसेरों का निरीक्षण कर रहे हैं.

You may have missed