मौतों का हाईवे बना एन एच-130बी, अब लहू से लाल सड़क, कंपनी कछुआ की चल रहा चाल

(भानु प्रताप साहू)
बलौदाबाजार से गिधौरी तक बनाए गए नए नेशनल हाईवे 130बी में लिखी गई भ्रष्टाचार की इबारत ने इस राष्ट्रीय राजमार्ग के मौतों का हाईवे बना दिया है पर करोड़ो रुपए की लागत से बनी इस सड़क में रोजाना हादसे हो रहे हैं सुरक्षा सांकेतको के अभाव में सड़क लहू से लाल हो चुकी है।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ सरकार ने 2015 में एशियाई विकाश बैंक की सहायता से बलौदाबाजार-डोंगरीडीह से लेकर गिधौरी तक एडीबी के माध्यम से निर्माण कार्य को मंजूरी दी थी ठेका जैन कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी को आवंटित हुआ था। मार्ग की लंबाई 49.041 किलोमीटर थी और इसके लिए लगभग 124.07 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। एडीबी के अधिकारियों ने ठेका कंपनी को गांधी के फेर में जो छूट दी। उसका पूरा फायदा उठा कर जैन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भ्रष्टाचार की इबारत लिख कर लाल हो गई। आलम यह है कि मार्ग पर यातायात प्रारंभ होने के बाद से हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। कसडोल थाने से मिली जानकारी पर अगर गौर करें तो लगभग 40 दिनों के भीतर थानांतर्गत 8 से ऊपर जिंदगीयां मौत के मुंह में समा गई। जबकि एक दर्जन से ऊपर लोग गभीर हालात में ज़िंदगी और मौत से अस्पतालों में जूझ रहे है।
40 दिन 8 मौतें
बीते सोमवार को एनएच 130B में डोंगरीडीह के पास महानदी पुल पर सड़क हादसे में लवनबन निवासी राजेश देवदास मौत के मुंह में समा गया। इसके अलावा इनके दो साथी गंभीर रूप से घायल है। मौत की इस सड़क पर जिस तरह से सुरक्षा के अभाव में लोग काल के गाल में समा रहे है इससे निश्चित तौर पर यह सड़क अब खूनी सड़क बन गई है जिस पर लोग अब गुजरने से कतराने लगे हैं। लगातार हो रहे हादसों से आसपास के क्षेत्र में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
सुरक्षा सांकेतकों का अभाव
बलौदाबाजार से लेकर गिधौरी तक अगर मार्ग को देखा जाए तो सुरक्षा सांकेतक लगभग लापता है। गति सांकेतकों का पता ही नहीं है जिसके चलते आवागमन शुरू होने के बाद से लगातार हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, इंडियन रोड कांग्रेस के मापदंडों का पालन ना तो निर्माण में किया गया और न सुरक्षा सांकेतकों के लिए किया गया। मार्ग मे रोड मार्किंग, रोड डेलिनियटरस, कैटाइज सहित अन्य महत्वपूर्ण सांकेतक गिने-चुने है। जिसके चलते लगातार हादसों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है और सड़क खूनी हो चुकी है।
कछुआ की चाल चल रही कंपनी
एडीबी के अधिकारियों से मिली छूट के बाद जैन कंस्ट्रक्शन अपना भुगतान लेने के बाद अब पीजी में जो भी वर्क कर रही है उसमें कछुआ की चाल की तरह काम करती दिख रही है। जबकि जैन कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यो पर गौर करें तो अभी भी पूरे मार्ग पर काम चल रहा है लेकिन विभाग की माने तो काम पूरा होने के बाद अब काम पीजी में करवाये जा रहे है।
केवल 1 वर्ष की मरम्मत का जिम्मा
पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों द्वारा बने सड़को का जिम्मा लगभग 4 वर्षो से ऊपर होता है लेकिन यहाँ एडीबी ने निर्माण के बाद 1 साल तक का ही जिम्मा सड़क की मरम्मत और सुरक्षा संघ के तर्कों के रखरखाव के लिए जैन कंस्ट्रक्शन को सौंपा है। इसके साथ ही इन सब की मॉनिटरिंग विभाग को करना है। वही पूरी अवधि के दौरान एडीबी के अधिकारियों को इस पूरे मामले की रिपोर्ट सरकार को अवगत कराना था। लेकिन यह पूरा खेल कागजों पर चल रहा है और निर्दोष बलि चढ़ रहे हैं। 24 घंटों के भीतर खराब पड़े या क्षतिग्रस्त और चोरी हो चुके सांकेतकों को बदलने की जिम्मेदारी 1 वर्षो तक दे रखी है। ऐसा नहीं कि इसकी एवज में जैन कंस्ट्रक्शन को पैसा नहीं मिल रहा है। इस अवधि के दौरान राशि भी भुगतान विभाग द्वारा की जा रही है। लेकिन एडीबी में बैठे अधिकारी कागजों में कथित कंपनी एवं एजेंसी को फायदा पहुंचा रहे हैं।
एक वर्ष में ही सडक दबा
एडीबी द्वारा खुली छूट मिलने के बाद कथित कंपनी ने जिस तरह गुडवत्ता को ताक पर रखकर सड़क का निर्माण कराया यह तो लहौद से मुंडा तक जाने में ही पता चल जाता है एक वर्ष में ही यह सड़क लगभग डैमेज हो चुका है 7 मीटर के चौड़े सड़क एक दूसरे छोर से दबा हुआ है। जिस पर कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
इनका कहना है
सड़क सुरक्षा अहम मुद्दा है, बलौदाबाजार से गिधौरी तक दुर्घटना जघन्य क्षेत्रों पर जल्द ही सुरक्षा बैरिकेट लगाए जाएंगे। सड़क दुर्घटना रोकना जरूरी कार्य है।
राजेश जोशी
एसडीओपी, बलौदाबाजार

बलौदाबाजार से गिधौरी तक जहाँ भी सड़क की हालत खराब हुई है उसके लिए ठेकेदार को नोटिस दिया गया है, सड़क का कार्य पूरा हो चुका है अभी कुछ वर्क एक वर्ष के पीजी अवधि में चल रहे है, बढ़ती दुर्घटना को देखते हुये ठेकेदार को सुरक्षा संकेत बढ़ाने के निर्देश दिये जायेंगे।
प्रमोद गुप्ता
कार्यपालन अभियंता, एडीबी बलौदाबाजार

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