अंतरराज्यीय लूट गिरोह का पर्दाफाश…
- बिहार के कटिहार के दो आरोपी गिरफ्तार, 9.83 लाख की लूट का खुलासा
जांजगीर-चाम्पा । जिले में सक्रिय अंतरराज्यीय लूट एवं उठाईगिरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जांजगीर पुलिस ने बिहार राज्य के कटिहार जिले के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों—रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, सारंगढ़ और जांजगीर—में कुल 9,83,000 रुपये की लूट की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया गया है।
मामला 13 फरवरी 2026 का है, जब थाना शिवरीनारायण क्षेत्र के ग्राम धरदेई निवासी प्रार्थी ने पामगढ़ स्थित एसबीआई बैंक से 2.5 लाख रुपये निकाले थे। घर लौटते समय अज्ञात आरोपियों ने मोटरसाइकिल से पीछा कर रकम लूट ली थी।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर साइबर टीम ने जांच शुरू की। लगभग 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद संदिग्ध वाहन की पहचान हुई, जो जांजगीर से बिलासपुर की ओर जाते दिखाई दिया। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम ने बिलासपुर के पुराने बस स्टैंड स्थित एक लॉज में दबिश देकर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात स्वीकार कर ली।
गिरफ्तार आरोपी
दीपक यादव (36 वर्ष), निवासी नया टोला जोराबगंज, थाना कोढ़ा, जिला कटिहार (बिहार)
अविनाश उर्फ सनी कुमार यादव (28 वर्ष), निवासी नया टोला जोराबगंज, थाना कोढ़ा, जिला कटिहार (बिहार)
गिरोह का मुख्य साजिशकर्ता एवं एक अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक में बड़ी रकम निकालने आए बुजुर्गों एवं महिलाओं की रेकी करते थे। बैंक से बाहर निकलने के बाद उनका पीछा कर सुनसान स्थान पर लूट की घटना को अंजाम देते थे। प्रार्थी को भ्रमित करने के लिए केंवाच पाउडर (खुजली पाउडर) का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल (फर्जी नंबर प्लेट सहित), चार फर्जी आधार कार्ड, तीन कीपैड मोबाइल फोन, केंवाच पाउडर तथा 10,500 रुपये नकद जब्त किए हैं।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह ने 4 दिसंबर 2025 से 16 फरवरी 2026 के बीच अंबिकापुर, रायगढ़, सारंगढ़ और कोरबा जिलों में भी लूट की वारदातें की थीं।
आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बड़ी रकम निकालते समय सतर्क रहें, अनजान लोगों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें।