कलेक्टर ने कृषि एवं समवर्गीय विभागों की ली संयुक्त समीक्षा बैठक…
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने समन्वित कार्य पर दिया जोर
- किसानों को उन्नत बीज, खाद व जैविक खेती से जोड़ने के निर्देश
- पशुपालन, मत्स्य और उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
गरियाबंद 11 मार्च 2026/ जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री बी.एस. उइके की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, रेशम, क्रेड़ा, बीज निगम, मछलीपालन विभागो सहित बैंक, मंडी, सहकारी संस्थाओं की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी और मछलीपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए सभी विभागों का आपस में समन्वय होना बहुत जरूरी है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग को मिलकर जिले में अच्छे से कार्य करना होगा। उन्होंने पीएम किसान की समीक्षा करते हुए ईकेवाईसी, लैण्ड सिडिंग, आधार सिडिंग, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, एग्रीस्टेक पंजीयन के लक्ष्य पुर्ति के प्रगति के संबंध में विकासखण्डवार विस्तार पूर्वक जानकारी ली।
उन्होंने कृषि सीजन के समय किसानों को उन्नत बीज, खाद एवं कीटनाशक समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने फसल विविधीकरण, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली एवं जैविक खेती के विस्तार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में किसानों को जैविक खेती, दलहन-तिलहन एवं उन्नत खेती से जोड़ा जाए।
इस दौरान बैठक में उप संचालक कृषि श्री चंदन रॉय, पशु चिकित्सा सेवाएं के उप संचालक श्री ओ.पी तिवारी, सहायक संचालक मत्स्य श्री एमएस कमल, क्रेड़ा के सहायक अभिंयता श्री तुलसीराम धु्रव सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गौधाम के सुचारु संचालन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, तथा टीकाकरण अभियान की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पशु स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन ग्राम स्तर पर नियमित रूप से किया जाए ताकि पशुपालकों को तत्काल सुविधा मिल सके। उन्होंने 21 पशु संगणना, कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोत्पादन, पशुओं के टीकाकरण, मोबाईल वेटनरी युनिट के कार्याे, व्यक्तिमूलक योजना जैसे- बैकयार्ड कुक्कुट, सूकरत्रयी, सांड, बकरा वितरण, उन्नत मादा वत्स पालन की जानकारी लेते हुए निर्धारित समय पर लक्ष्य अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मछलीपालन विभाग की समीक्षा में तालाब एवं जलाशय का पट्टा वितरण, मत्स्य बीज संवर्धन केंद्रों की स्थिति और मत्स्य पालकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी ली। मत्स्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले के चयनित मत्स्य पालक किसानों को अध्ययन भ्रमण के लिए आंध्रप्रदेश भेजा गया है। कलेक्टर ने कहा कि मछलीपालकों को शासन की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, केसीसी का अधिकतम लाभ दिलाया जाए।
इसी तरह उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-पॉम, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने उर्वरक का अग्रिम उठाव एवं भंडारण, पीडीएस तथा समितियों में भण्डारित उर्वरक की जानकारी, ऋण वितरण के लक्ष्य सहित क्रेड़ा, रेशम की जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिकारियों को निर्देश दिए।

