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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल द्वारा अपराध नियंत्रण एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा हेतु पुलिस कंट्रोल रूम भिलाई में क्राइम मीटिंग आयोजित…

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  • जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित*
  • ▪️ *गंभीर अपराधों में त्वरित FIR और निराकरण एवं समय पर रिपोर्टिंग के निर्देश*
  • ▪️ *नशा, जुआ-सट्टा एवं स्थायी वारंटियों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश*
  • ▪️ *पुराने लंबित प्रकरणों एवं चालानों के शीघ्र निराकरण के निर्देश*

आज दिनांक 20.03.2026 को पुलिस कार्यालय, दुर्ग में अपराध एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा हेतु क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता, प्रशासनिक अनुशासन एवं लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चन्द्रा,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईसीयूडब्लू ममता देवांगन नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग हर्षित मेहर, नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई सत्यप्रकाश तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक छावनी प्रशांत पैकरा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धमधा डॉ.चित्रा वर्मा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पाटन अनुप लकड़ा, डीएसपी हेडक्वार्टर श्रीमती तनुप्रिया ठाकुर, डीएसपी लाइन सीपी तिवारी, डीएसपी भारती, डीएसपी तिग्गा सहित सभी थाना प्रभारी एवं अन्य राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में निम्न निर्देश दिए गए —

 

1. वर्ष 2024 से पूर्व के लंबित अपराध, वर्ष 2024 से पूर्व के लंबित चालान, लंबित मर्ग एवं शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए।

2. लावारिस/जप्त संपत्तियों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

 

3. लंबित प्रतिबंधात्मक कार्यवाही एवं बाउंड ओवर प्रकरणों का शीघ्र निष्पादन किया जाए तथा विवादास्पद मामलों में अनिवार्य रूप से बाउंड ओवर कराया जाए।

4. समंस एवं वारंट की शत-प्रतिशत तामिली सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित आरक्षकों को कंप्यूटर फ्रेंडली बनाया जाए।

 

5. बीट एवं सब-बीट का प्रभावी विभाजन कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

 

6. थाना क्षेत्र के संवेदनशील एवं सांप्रदायिक मामलों में विशेष सतर्कता रखते हुए कार्यवाही की जाए।

 

7. आगामी ईद एवं नवरात्रि पर्व को दृष्टिगत रखते हुए शांति समिति का पुनर्गठन कर विशेष ड्यूटी एवं निगरानी की जाए।

 

8. पुलिस कार्यालय से प्राप्त पत्रों का समय पर निराकरण एवं थानों से प्रेषित पत्रों का समय पर जवाब उपलब्ध कराया जाए।

 

9. NAFIS, ई-चालान, ई-सम्मन एवं ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

 

10. नए कानूनों के अंतर्गत प्रकरणों में हुई सजा का नियमित प्रतिवेदन तैयार किया जाए।

 

11. जिन प्रकरणों में बाहरी टीम भेजना आवश्यक है, उनमें समय पर टीम रवाना कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

 

12. थाना एवं चौकी भवन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की सतत निगरानी एवं पर्यवेक्षण किया जाए।

 

13. थाना स्तर पर कार्यों की गोपनीयता बनाए रखते हुए संवेदनशील प्रकरणों में विशेष सावधानी बरती जाए।

 

14. सभी थाना प्रभारी प्रतिदिन निर्धारित समय पर थाना में उपस्थित रहकर आम जनता की शिकायतें सुनें एवं उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।

 

15. जन-शिकायतों एवं लंबित आवेदनों का स्थानीय स्तर पर समयबद्ध निराकरण किया जाए।

 

16. गंभीर अपराधों में तत्काल FIR दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की जाए तथा सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर दी जाए।

 

17. साइबर फ्रॉड एवं वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में नेट ग्रिड एवं तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर शीघ्र निराकरण किया जाए।

 

18. समस्त आरक्षकों द्वारा एवी नोटबुक का संधारण एवं साप्ताहिक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

 

19. थाना प्रभारी द्वारा थाना मुख्यालय में रात्रि मुकाम अनिवार्य रूप से किया जाए।

 

20. अवैध नशे के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर NDPS एवं आबकारी प्रकरणों में सतत कार्यवाही की जाए तथा जप्त सामग्री एवं शराब का विधिवत नष्टीकरण किया जाए।

 

21. जुआ-सट्टा के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

 

22. स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीम गठित कर प्रभावी कार्यवाही की जाए।

 

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