June 6, 2026

भिलाई की बसाहट को बचाने के लिए मौन पदयात्रा 22 मार्च :- एमएलए देवेंद्र 

IMG-20260321-WA0004
  • बीएसपी प्रबंधन अपनी चुप्पी तोड़े 
  •  धान का कटोरा बना अब अफीम का कटोरा 
  • एमएलए रिकेश के मामले में सरकार को ध्यान देना चाहिए

भिलाई: भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के युवा विधायक देवेंद्र यादव ने आज सेक्टर 5 स्थित अपने कार्यालय में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान आम जनमानस के साथ-साथ दुर्ग जिला यादव समाज के बड़ी संख्या में आए पुरुष महिला सामाजिक लोगों से उन्होंने विस्तार से चर्चा की. यादव समाज को हर संभव सहयोग एवं मदद का आश्वासन युवा विधायक ने दिया. तदुपरांत मीडिया से चर्चा करते हुए युवा विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि भिलाई बचाओ आंदोलन वह भिलाई की बसाहट को बचाने के लिए 22 मार्च 2026 जिला कांग्रेस कमेटी, ट्रेड यूनियन, बीएसपी की तमाम यूनियन एवं हाउस लीज संघर्ष समिति, श्रमिक यूनियन मिलकर बीएसपी प्रबंधन को जगाने के लिए सिविक सेंटर बेरोजगार चौक से सेक्टर 4 चौक तक पैदल मौन पदयात्रा निकालने जा रहे हैं. अपनी विधानसभा के हर सेक्टर में मैंने दौरा किया है, लोगों की समस्याओं को जाना और समझा है. हम बीएसपी प्रबंधन को संदेश एवं जागरूकता के लिए यह मौन पदयात्रा करने जा रहे हैं. चूंकि बीएसपी प्रबंधन हमारी बातों एवं मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रहा है. बीएसपी प्रबंधन मौन बैठा हुआ है, उसे याद दिलाने के लिए कल हम मौन पदयात्रा भिलाई की बसाहट को बचाने के लिए निकलने जा रहे हैं. बीएसपी प्रबंधन अपनी चुप्पी तोड़े, यह हमारा बीएसपी प्रबंधन से आग्रह है. इन दिनों पूरे प्रदेश में जहां छत्तीसगढ़ राज्य को पूरे देश और विदेश में धान के कटोरा के रूप में जाना एवं पहचाना जाता था,लेकिन सुशासन की इस सरकार में अब छत्तीसगढ़ राज्य को अफीम के कटोरा के रूप में जाना एवं पहचाना जा रहा है. श्री यादव ने आगे कहा कि अफीम की खेती का मसाला सर्वप्रथम दुर्ग जिले से शुरू हुआ और अब बलरामपुर और रायगढ़ के तमनार में भी अफीम की खेती करना पाया गया है. इससे यह स्पष्ट है यह सरकार युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है. यह अत्यंत दुख की बात है. उन्होंने आगे कहा कि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को जान का खतरा के मामले में श्री यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार राज्य में उनकी है, सरकार को इस गंभीर विषय में ध्यान देना चाहिए. यदि यह राजनीतिक बात है तो अलग बात है, लेकिन यदि एमएलए को वास्तव में जान का खतरा है तो सरकार एवं प्रशासन को गंभीरता से कार्यवाही करनी चाहिए. नए धर्मांतरण कानून के मामले में कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में धर्मांतरण के कई विषय विचाराधीन है.

You may have missed