अर्थ ऑवर डे पर ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा हेतु जन-जागरूकता अपील…
संस्था के संरक्षक व मार्गदर्शक श्री वीरेंद्र सतपथी, श्री इंद्रजीत सिंह (छोटू भैया) व श्रीमती शहाना कुरैशी के मार्गदर्शन, तथा संस्थापक प्रतीक भोई व महासचिव श्री राकेश रत्नाकर के अगुवाई में तुलाराम आर्य कन्या विद्यालय, दुर्ग में यह जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया गया, संस्था द्वारा विश्व महिला दिवस 8 मार्च से चलाये जा रहें पखवाड़े के अंतिम दिन।
आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में अर्थ ऑवर डे केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है। यह हमें यह सोचने का अवसर देता है कि हम अपने दैनिक जीवन में ऊर्जा का कितना अनावश्यक उपयोग कर रहे हैं और इसे कैसे कम कर सकते हैं।

अनावश्यक बिजली बचाना क्यों जरूरी है?
बिजली का उत्पादन मुख्यतः कोयला, पेट्रोलियम एवं अन्य जीवाश्म ईंधनों से होता है, जिससे भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होता है। यह उत्सर्जन पर्यावरण को प्रदूषित करता है, ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाता है और जलवायु संतुलन को बिगाड़ता है। यदि हम अनावश्यक बिजली की खपत को कम करते हैं, तो न केवल ऊर्जा की बचत होती है बल्कि प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आती है।
पर्यावरण संरक्षण में योगदान
जब हम बिजली बचाते हैं, तो हम अप्रत्यक्ष रूप से पेड़ों, जल स्रोतों और वायु की शुद्धता की रक्षा करते हैं। ऊर्जा की बचत का अर्थ है कम उत्पादन, और कम उत्पादन का अर्थ है कम प्रदूषण। इस प्रकार, एक छोटा सा कदम पूरे पर्यावरण के लिए बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों (युद्धकाल) में बिजली बचाना क्यों आवश्यक है?
वर्तमान वैश्विक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों में ऊर्जा संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति बाधित होती है, जिससे ऊर्जा संकट उत्पन्न हो सकता है। ऐसे समय में बिजली की बचत करना न केवल एक जिम्मेदारी है, बल्कि यह राष्ट्रीय और वैश्विक स्थिरता में भी योगदान देता है। ऊर्जा की बचत से हम आपातकालीन आवश्यकताओं के लिए संसाधनों को सुरक्षित रख सकते हैं।
अर्थ ऑवर डे का महत्व
अर्थ ऑवर डे हमें यह संदेश देता है कि यदि पूरी दुनिया एक साथ एक घंटे के लिए बिजली बंद कर सकती है, तो हम अपने जीवन में स्थायी रूप से भी छोटे-छोटे बदलाव ला सकते हैं। यह दिन हमें जागरूक करता है, प्रेरित करता है और एकजुट होकर पृथ्वी की रक्षा करने का संदेश देता है।
हमारी अपील
हम सभी नागरिकों से निवेदन करते हैं कि वे अर्थ ऑवर डे के अवसर पर अनावश्यक विद्युत उपकरणों को बंद रखें, ऊर्जा संरक्षण को अपनी आदत बनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
“एक घंटा अंधेरा, पृथ्वी के लिए उज्जवल सवेरा”
आइए, हम सब मिलकर ऊर्जा बचाएं, पर्यावरण बचाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित एवं स्वच्छ पृथ्वी का निर्माण करें।
उपस्थित सभी जनों को बिजली व पर्यावरण बचाओ का संकल्प करा कर रेली भी निकाली गयी।
इस अवसर पर श्रीमती शहाना कुरैशी, साधना मौर्य, कुमारी विनीता kerketa, सुधा शर्मा , निर्मला रत्नाकर, प्रतीक भोई, राकेश रत्नाकर, घनश्याम पांडे, रघुवंश सैनी, रमेश प्रजापति, मंजू चौरसिया, मनमोहन सिंह, अरुणा शर्मा, जया सरनाइक, विनोद नायर, और बड़ी संख्या में बच्चे भी उपस्थित थे।


