June 5, 2026

“मां दंतेश्वरी मक्का प्रोसेसिंग प्लांट” से उपजे समस्याओं का समाधान करने के साथ ही बंद प्लांट को पुनः प्रारम्भ किए जाने सम्बन्धी ज्ञापन सौंपा सीपीआई ने…

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कोण्डागांव महामहिम राज्यपाल एवं मुख्य मंत्री, छत्तीसगढ़ षासन को सम्बोधित “मां दंतेश्वरी मक्का प्रोसेसिंग प्लांट” से उपजे समस्याओं का समाधान करने के साथ ही बंद प्लांट को पुनः प्रारम्भ किए जाने सम्बन्धी मांग को संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द उचित कार्यवाही करने बाबत् विषयक ज्ञापन को द्वारा जिला कलेक्टर कोण्डागांव सीपीआई जिला परिशद् कोण्डागांव के द्वारा 01 अप्रैल को डिप्टी कलेक्टर कोण्डागांव को सौंपा गया है। सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के कोण्डागांव जिले के ग्राम कोकोड़ी में स्थापित एवं विभिन्न समस्याओं के कारण वर्तमान में बंद “मां दंतेश्वरी मक्का प्रोसेसिंग प्लांट” की ओर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) जिला परिशद् कोण्डागांव, संभाग बस्तर, छत्तीसगढ़ द्वारा षासन-प्रशासन का ध्यान आकर्शित करने के लिए यह ज्ञापन प्रस्तुत/प्रेशित किया जा रहा है। “मां दंतेश्वरी मक्का प्रोसेसिंग प्लांट” से उपजे कई समस्याओं का जिला प्रशासन के द्वारा समय रहते समाधान नहीं किए जाने के कारण निर्मित विशम परिस्थितियों से वर्तमान में बंद कर दिए गए “मां दंतेश्वरी मक्का प्रोसेसिंग प्लांट” के सम्बन्ध में सीपीआई जिला परिशद् कोण्डागांव अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, सरकार को अवगत कराना चाहती है कि स्थानीय ग्रामीणजनों द्वारा लंबे समय से की जा रही ’’प्लांट से निकलने वाले दूषित जल से आसपास के खेतों में लगी फसलों के बर्बाद होने, राख, धुआं, तेज दुर्गंध से क्षेत्र का वातावरण खराब होने और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकुल प्रभाव पड़ने आदि जैसी मिल रही कई शिकायतों पर जिला प्रशासन की लापरवाही व उपेक्षा के कारण ग्रामीणजनों में बढ़े आक्रोश के परिणामस्वरूप प्लांट के विरोध में किए गए उग्र प्रदर्शन व तोड़फोड़ के बाद से प्रशासन द्वारा “अगले आदेश तक” प्लांट को बंद करने के निर्देश जारी कर दिया गया है। सीपीआई किसी भी प्रकार के हिंसक व्यवहार की निंदा करती है, लेकिन निर्मित उपरोक्त स्थिति का मूल कारण ग्रामीणजनों की समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने वाली सरकार व प्रशासन की नीति को मानती है।

चूंकि मक्का प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना के समय षासन-प्रशासन द्वारा किसानों को यह आश्वासन दिया गया था कि उनके मक्का को उचित मूल्य पर खरीदा जाएगा, जिससे मक्का उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और क्षेत्र का विकास होगा। लेकिन आज देखा जा रहा है कि प्लांट की अनियमित व लापरवाह संचालन प्रणाली से ग्रामीणजनों की जमीन, जल, हवा बर्बाद हो रही है, वहीं किसानों की उत्पादित मक्का की नियमित व उचित दर पर खरीदी की व्यवस्था नहीं बन पाई है। उपरोक्त सम्बन्ध में सीपीआई मांग करती है कि 1. ग्राम कोकोड़ी सहित आसपास के ग्रामीणों की जन शिकायतों की स्वतंत्र जांच कराई जाए और प्रदूषण व फसल नुकसान के वैज्ञानिक आंकड़े सार्वजनिक किया जाए। 2. तकनीकी व पर्यावरणीय दृष्टि से प्लांट के संचालन को नियमों के अनुरूप सुरक्षित बनाने के लिए कानूनी व तकनीकी उपाय किए जाएं, न कि सिर्फ “बंद करके निकल जाना” जारी रखा जाए। 3. किसानों की उत्पादित मक्का की नियमित, पारदर्शी व उचित दर से खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को अपनी ही मेहनत की फसल के लिए लाभ मिले, न कि दलालों व बिचौलियों के चंगुल में फंसकर लूट। 4. शासन व प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के साथ ईमानदारी से वार्ता की जाए और आंदोलन संबंधी शिकायतों पर तत्काल निर्णय व उचित कार्रवाई घोषित की जाए। यदि शासन की ओर से उपरोक्त जनहित के मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो सीपीआई जिला परिशद् कोण्डागांव किसानों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण, जन समर्थित आंदोलन करने का रास्ता अपनाने को बाध्य होगी। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौपे जाने के दौरान सीपीआई जिला परिशद् कोण्डागांव जिला सचिव शैलेश, सह सचिव द्वय जयप्रकाश, दिनेश सहित सरादू, सोमारु, रामचंद, मानसिंग, बुधर राम आदि मौजुद रहे।