आफत लेकर आ रहा अप्रैल आसमान में बन रहा बवंडर, 18 राज्यों में IMD का अलर्ट…
भारत मौसम विभाग यानी आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और अलग-अलग स्तरों पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम सक्रिय बना हुआ है. इसके चलते कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 1 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा.
मार्च का महीना खत्म हो गया और राहत की बात यह है कि इस बार लोगों को अब तक चिलचिलाती गर्मी से दो-चार नहीं होना पड़ा है. इस बीच मौसम विभाग ने अप्रैल को लेकर भी ऐसी खबर दी है, जो कुछ लोगों को चिंता में डाल सकती है. भारत मौसम विभाग यानी आईएमडी के मुताबिक, देशभर में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आने वाले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की तरफ से जारी तीन महीने के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस बार अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है, जिससे लू का असर भी कमजोर पड़ सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि तापमान में गिरावट के चलते अप्रैल से जून के बीच हीटवेव यानी लू चलने की घटनाएं कम रह सकती हैं. खासतौर पर उत्तर भारत में अप्रैल महीने के दौरान लू से राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है, जो आमतौर पर इस समय शुरू हो जाती है.
IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 1 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा. पश्चिमी विक्षोभ और अलग-अलग स्तरों पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम सक्रिय बना हुआ है. इसके चलते कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है.
IMD के मुताबिक अप्रैल महीने में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है. अनुमान है कि इस बार अप्रैल में करीब 112 प्रतिशत तक अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का सिलसिला जारी रह सकता है.
क्यों हो रही ये बेमौसम बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पाकिस्तान और जम्मू क्षेत्र के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है, जबकि राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश, असम और केरल के आसपास भी अलग-अलग ऊपरी हवा के चक्रवात सक्रिय हैं. इन सभी सिस्टम्स के संयुक्त प्रभाव से देश के बड़े हिस्से में अस्थिर मौसम बना हुआ है. खासतौर पर पूर्वोत्तर भारत, हिमालयी राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि मध्य और पश्चिम भारत में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
अब बात करते हैं दिल्ली के मौसम की. राजधानी दिल्ली में 1 अप्रैल को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिलेगा. अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि अगले कुछ दिनों में इसमें फिर बढ़ोतरी होगी. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, लेकिन उसके बाद हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है.
दिल्ली में रात से लेकर सुबह के बीच हल्की बारिश, गरज-चमक और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो झोंकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन अचानक मौसम बदलने से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मौसम का हाल?
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की बात करें तो यहां भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे धूलभरी आंधी की स्थिति भी बन सकती है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है.
उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. खासतौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी. 3 से 6 अप्रैल के बीच यहां एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को
बिहार-झारखंड में गरज-चमक के साथ बारिश?
बिहार और झारखंड में भी मौसम 1 अप्रैल को सक्रिय रहेगा. बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ जगहों पर बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. खासतौर पर खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.
देश के अलग-अलग हिस्सों में इन दिनों बेमौसम बारिश देखी जा रही है.
झारखंड में भी इसी तरह का मौसम देखने को मिलेगा. यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और जरूरी एहतियात बरतें.
एमपी-छत्तीसगढ़ में किसानों की चिंता
मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी मौसम अस्थिर रहेगा. यहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. छत्तीसगढ़ में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है. यह स्थिति किसानों के लिए चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि फसलों को नुकसान का खतरा है.
पश्चिम भारत में गुजरात, महाराष्ट्र और मराठवाड़ा क्षेत्र में भी मौसम बदला-बदला रहेगा. यहां गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. खासतौर पर मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में तेज तूफानी हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है. कोंकण और गोवा क्षेत्र में भी बिजली चमकने और हल्की बारिश की संभावना है.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मौसम का हाल
पूर्वोत्तर भारत में 1 अप्रैल को मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. यहां तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इन राज्यों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
दक्षिण भारत में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं है. तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है. केरल और माहे में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. इन क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.