ममता का इस्तीफा न देना, राज्यपाल का विधानसभा भंग और सुवेंदु का शपथ ग्रहण…पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद से अब तक क्या-क्या हुआ?
चार मई को आए विधानसभा चुनाव के परिणाम में भाजपा ने 293 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की। ममता बनर्जी की टीएमसी को 80 सीटों पर जीत मिली। ममता राज्य के 15 साल से मुख्यमंत्री थीं।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी अब से कुछ ही देर बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में अधिकारी को नेता चुना गया। इसके बाद शुक्रवार शाम उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। सुवेंदु राज्य के भाजपा के पहले मुख्यमंत्री होंगे।
चार मई को आए विधानसभा चुनाव के परिणाम में भाजपा ने 293 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की। ममता बनर्जी की टीएमसी को 80 सीटों पर जीत मिली। ममता राज्य के 15 साल से मुख्यमंत्री थीं।
4 मई को आए चुनाव परिणाम के बाद बंगाल की राजनीति में काफी हलचल देखने को मिली। टीएमसी चीफ ममता ने चुनाव में भाजपा पर बेईमानी का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया। हालांकि, भाजाप ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में भरोसा करने वाल कोई भी शख्स ऐसा नहीं कर सकता। इसके बाद 7 मई को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर एन रवि ने विधानसभा भंग करने का आदेश जारी कर दिया। राज्यपाल के इस आदेश के बाद बंगाल में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया।
पश्चिम बंगाल के लिए 4 मई का दिन
4 मई, 2026 का दिन टीएमसी चीफ ममता बनर्जी के लिए काफी खराब रहा तो वहीं बीजेपी के लिए एक शानदार दिन रहा। चुनाव नतीजों के बाद जहां ममता का सत्ता से विदाई तय हो गई तोो वहीं भाजपा के लिए सत्ता के दरवाजे खुल गए। एक ऐसा राज्य जहां भाजपा की कभी सरकार न रही हो, इसलिए यह भाजपा के लिए बड़ा दिन साबित हुआ।
हालांकि, मतगणना के दौरान ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा, “मैं हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कोई भी वोटिंग एजेंट काउंटिंग सेंटर से दूर ना जाए। ये भाजपा की योजना है। मैं ये कल से कह रही हूं कि चुनाव आयोग पहले उनके नतीजे दिखाएगा, फिर हमारी पार्टी के नतीजे दिखाएगा।”
लेकिन भाजपा को बढ़त मिलने के बाद बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “बंगाल में भाजपा को मिली यह ऐतिहासिक जीत हमारे असंख्य कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। यह उन परिवारों के धैर्य की जीत है, जिन्होंने हिंसा सहकर भी भगवा ध्वज नहीं छोड़ा।”
चुनाव नतीजों के बाद 4 मई की शाम पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर बीजेपी की भारी बढ़त के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर ‘वोट लूट’ का आरोप लगाया। टीएमसी चीफ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटों की लूट की है। बीजेपी ने धोखाधड़ी की है। चुनाव आयोग अब बीजेपी आयोग बन गया है। हमने समय-समय पर इसकी शिकायत की है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। इस बीच देर रात भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पहली बार बहुमत हासिल किया।
पश्चिम बंगाल के लिए 5 मई का दिन
5 मई, 2026 को ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी।
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि जैसी बातें वो बोल रही हैं, उनसे वो खुद को ही हास्यास्पद बना रही हैं। वो कुछ दिनों तक प्रचार की रोशनी में रहना चाहती हैं, इसलिए वो ऐसी बातें कर रही हैं। इस तरह की हास्यास्पद बातों का कोई जवाब भारतीय जनता पार्टी या संविधान में विश्वास करने वाली कोई पार्टी नहीं दे सकती।
इसी बीच पांच मई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार पर कहा कि यह खुश होने का विषय नहीं है।
राहुल गांधी ने कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ताओं से छोटी-मोटी राजनीति छोड़ देने की अपील की। लेकिन भाजपा ने पांच मई को ही नई सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी। मंगलवार को भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पार्टी के विधायक दल का नेता चुनने के लिए अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार देर शाम पश्चिम बंगाल के काउंटिंग सेंटरों के सीसीटीवी फ़ुटेज रिलीज़ करने की मांग की।
पश्चिम बंगाल के लिए 6 मई का दिन
पश्चिम बंगाल के लिए 6 मई का दिन भी काफी हलचल भरा रहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद बीजेपी पर एक बार फिर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि इससे पहले उन्होंने कहा था कि असम और बंगाल के चुनाव नतीजों से साफ़ है कि चुनाव आयोग की मदद से बीजेपी चुनाव चोरी कर रही है। उन्होंने कहा कि ममता जी से सहमत हैं। बंगाल में 100 से ज़्यादा सीटें चुराई गई हैं।
बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद से कई जगहों पर टीएमसी के दफ़्तरों पर हमले, आगजनी, तोड़फोड़ और पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले की ख़बरें भी सामने आईं।
भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने इसके जवाब में कहा कि क़ानून अपना काम करेगा. बीजेपी साफ और पारदर्शी पश्चिम बंगाल के लिए खड़ी है। किसी भी अपराधी या असामाजिक तत्व को किसी भी हालत में पार्टी में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुवेंदु अधिकरी के PA की हत्या
लेकिन इसी बीच बुधवार देर रात भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सुवेंदु ने चंद्रनाथ रथ की हत्या को ‘सुनियोजित’ बताया है। तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए इसकी जांच की मांग की है। पुलिस ने कहा है कि उसने मामले की जांच शुरू कर दी है। नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम क्षेत्र में उस वक्त हमला हुआ जब वह अपने घर जा रहे थे। अज्ञात हमलावरों ने चंद्रनाथ पर कई राउंड गोलियां चलाई।
सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके निजी सहायक होने की वजह से चंद्रनाथ की हत्या की गई है। न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए सुवेंदु ने कहा कि जिस तरह से यह घटना हुई है, उसकी निंदा के लिए शब्द नहीं हैं। चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे एक ही वजह है। वह भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे और हाल में हुए विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को हराया है। उनकी हत्या के पीछे यही वजह हो सकती है।
41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ मूल रूप से पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर के रहने वाले थे। चंद्रनाथ रथ ने अपनी स्कूली पढ़ाई रामकृष्ण मिशन से पूरी की थी। लगभग दो दशक तक भारतीय वायुसेना में उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। वॉलिंटरी रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कुछ समय तक कॉर्पोरेट सेक्टर में भी काम किया। इसके बाद वह सक्रिय राजनीति में संगठनात्मक और प्रशासनिक काम में आ गए।
पश्चिम बंगाल में 7 मई को क्या हुआ
7 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने विधानसभा को भंग करने की घोषणा कर दी है। आज ही बंगाल विधानसभा का कार्यकाल भी पूरा हो रहा था। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभी तक अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया था। बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आए थे, जिसमें बीजेपी को 207 और टीएमसी को 80 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।
ममता बनर्जी के इस्तीफा ने देने पर राज्यपाल आरएन रवि पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने की घोषणा कर दी। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत विधानसभा को 7 मई 2026 से भंग करने का आदेश जारी किया है। लोक भवन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा को 7 मई 2026 से प्रभावी रूप से भंग कर दिया गया है। यह कदम संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। लोक भवन की अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत राज्यपाल को प्राप्त अधिकारों के आधार पर लिया गया है।
पश्चिम बंगाल के लिए 8 मई का दिन
पश्चिम बंगाल भाजपा लिए 8 मई, 2026 का दिन काफी अहम रहा। क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के नई मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया। इससे पहले सुवेंदु को विधायक दल का नेता चुना गया।
गृह मंत्री अमित शाह ने सुवेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्यों की बैठक यहां की गई है। उस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने मुझे और मोहन चरण माझी जी को केंद्र की ओर से पर्यवेक्षक के रूप में भेजा था।
अमित शाह ने कहा कि कुछ समय पहले ही चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई है। लगभग आठ प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए हैं और सभी प्रस्ताव और समर्थन एक ही नाम के मिले हैं दूसरे नाम के लिए भी समय दिया गया लेकिन दूसरा नाम नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मैं केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में सुवेंदु अधिकारी जी को पश्चिम बंगाल विधानमंडल दल के नेता रूप में निर्वाचित घोषित करता हूं। इसके बाद बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
पश्चिम बंगाल के लिए 9 मई का दिन
पश्चिम बंगाल के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होगा। क्योंकिभाजपा के पहले और राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी आज शपथ लेंगे। इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे।
बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर ही भाजपा ने क्यों लगाई मुहर?
भाजपा ने पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर मुहर लगा दी है। सुवेंदु अधिकारी 9 मई को सुबह 11 बजे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सुवेंदु के नाम पर ही भाजपा ने मुहर क्यों लगाई? पढ़ें पूरी खबर।