June 6, 2026

सड़क पर घायल युवक के लिए ममता बनकर उतरीं एसपी निवेदिता पाल…

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  • इंसानियत की मिसाल: खुद शासकीय वाहन में बैठाकर पहुंचाया अस्पताल, संवेदनशीलता देख भावुक हुए लोग

जांजगीर-चांपा। वर्दी सिर्फ कानून का प्रतीक नहीं होती, उसमें संवेदनाओं की धड़कन भी बसती है। मंगलवार को इसका जीवंत उदाहरण तब देखने को मिला, जब जिले की प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल ने सड़क दुर्घटना में घायल युवक के लिए देवदूत बनकर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है।

मंगलवार दोपहर लगभग 2:15 बजे शासकीय कन्या महाविद्यालय जांजगीर के मेन रोड पर एक मोटरसाइकिल चालक अचानक सड़क दुर्घटना का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गया। तेज धूप और व्यस्त सड़क के बीच युवक दर्द से कराह रहा था, तभी संयोगवश वहां से प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल का काफिला गुजर रहा था।

घटना पर नजर पड़ते ही एसपी ने तत्काल वाहन रुकवाया। उन्होंने एक अधिकारी नहीं, बल्कि संवेदनशील इंसान की तरह स्थिति को संभाला। बिना देर किए घायल युवक को अपने शासकीय वाहन में बैठाया और स्वयं जिला अस्पताल जांजगीर लेकर पहुंचीं। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने डॉक्टरों को युवक के बेहतर एवं त्वरित उपचार के निर्देश भी दिए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एसपी की यह संवेदनशीलता देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे। लोगों ने कहा कि आज के दौर में जहां कई लोग घायल को देखकर नजरें फेर लेते हैं, वहीं जिले की पुलिस कप्तान ने मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

घायल युवक ने भी समय पर मिली सहायता के लिए पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

यह घटना केवल एक दुर्घटना की खबर नहीं, बल्कि उस मानवीय चेहरे की तस्वीर है, जो यह बताती है कि पुलिस जनता की सुरक्षा के साथ-साथ उनके जीवन और संवेदनाओं की भी सच्ची प्रहरी है।