भाकपा(माले) लिबरेशन छत्तीसगढ़ ने ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की…
दिनांक 16 मई 2026: भाकपा(माले) लिबरेशन छत्तीसगढ़ ने ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की है. इससे महंगाई और बढ़ेगी. जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छूने लगेगी और लोगों की जिंदगी व उनकी रोजी – रोटी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा. ईंधन की कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का असर खेती-बाड़ी और ट्रांसपोर्ट जैसे सभी क्षेत्रों पर पड़ेगा. जिससे लाखों लोगों को पहले से ही झेलनी पड़ रही आर्थिक तंगी और बढ़ जाएगी.गहराते आर्थिक संकट के संकेत अभी से ही दिखने लगे हैं जैसे एलपीजी की कमी,रेस्टोरेंट का बंद होना, मजदूरों का बड़े पैमाने पर पलायन और बढ़ती बेरोजगारी.पूरे देश में मजदूर आसमान छूती महंगाई का सामना कर रहे हैं.
बयान में आगे कहा गया है कि सरकार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को सही ठहारने के लिए वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का हवाला दे रही है लेकिन पिछले कई सालों से लोग पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाले भारी टैक्स का बोझ उठाते आ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें गिरने का फायदा उन्हें कभी नहीं दिया गया और अब तेल कंपनियों के मुनाफे को बचाने के लिए मोदी सरकार इस संकट का बोझ आम लोगों पर डाल रही है. संयम और मितव्ययिता बरतने के नाम पर मोदी सरकार की विदेश नीति और आर्थिक नीति की भारी नाकामियों का बोझ आम जनता पर थोपा जा रहा है.
भाकपा(माले)लिबरेशन ने मांग की है कि सरकार को तत्काल मूल्य वृद्धि वापस लेनी चाहिए.बाजार आधारित अनियंत्रित पेट्रोल -डीजल- एलपीजी के मूल्य निर्धारण की नीति वापस लेना होगा. लोगों की बढ़ती तकलीफों को कम करने के लिए ईंधन की कीमतों को विनियमित करना होगा और सामने आ रही आर्थिक आपदा को रोकने के लिए तत्काल सही कदम उठाने होंगे.