भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू, अहमदाबाद में शुरुआत से पहले PM मोदी ने भेजा विशेष प्रसाद…
- पीएम मोदी का जगन्नाथ मंदिर के साथ नाता काफी पुराना और अटूट माना जाता है. भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की शुरुआत आज से हो चुकी है. सीएम भूपेंद्र पटेल और डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने सोने की झाड़ू से पहिंद विधि कर यात्रा की शुरुआत की.
- अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा को लेकर सुरक्षा का अभेद्य कवच तैयार किया है.
अहमदाबाद,16 जुलाई 2026: भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा का शुभारंभ हो चुका है. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोने की झाड़ू से पहिंद विधि कर यात्रा की शुरुआत की.
प्रधानमंत्री मोदी ने हर साल की तरह इस साल भी मंदिर में विशेष प्रसाद भेजकर अपनी बरसों पुरानी परंपरा को निभाया है. प्रधानमंत्री द्वारा भेजे गए इस विशेष प्रसाद में मौसम के अनुसार चीजें शामिल की गई हैं. इसमें मुख्य रूप से मूंग, जामुन, ककड़ी, आम और अखरोट के साथ-साथ कई तरह के ड्राई फ्रूट्स शामिल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जगन्नाथ मंदिर के साथ नाता बहुत पुराना और अटूट माना जाता है.
इस बीच, राष्ट्रपति भवन की ओर से भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक संदेश शेयर किया गया है. पोस्ट में लिखा गया है कि महाप्रभु की रथयात्रा के पावन अवसर पर मैं देश-विदेश में श्रीजगन्नाथ के सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं. लोकमान्यता है कि इस पवित्र यात्रा की महान परंपरा के दौरान चक्रराज सुदर्शन, बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा सहित महाप्रभु श्रीजगन्नाथ भक्तों से मिलते हैं.
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक्स पर रथयात्रा के शुभारंभ पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं.
रथयात्रा को लेकर पुलिस की हाईटेक तैयारी
अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा को लेकर सुरक्षा का अभेद्य कवच तैयार किया है. पुलिस द्वारा 30,000 जवानों और 1,000 पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती के साथ-साथ 3,700 CCTV और 100 ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है.
AI तकनीक के जरिए अपराधियों पर नजर रखी जा रही है. अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर पुलिस विभाग पूरी तरह तैयार है. इस साल रथ यात्रा के रूट पर सुरक्षा के लिए अभेद्य घेराबंदी की गई है.
सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो, 10 DIG (डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल) स्तर के अधिकारियों की सीधी देखरेख में पूरी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. इसमें 42 DCP, 93 ACP, 303 PI और 673 PSI स्तर के अधिकारी लगातार रूट पर तैनात हैं. सुरक्षा के लिए कुल 30,000 पुलिसकर्मियों के अलावा 3,000 होमगार्ड और SRP के जवान, 1,000 पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं.
रथ यात्रा की लाइव निगरानी के लिए 250 ‘डीप पॉइंट’ तय किए गए हैं और पूरे रूट पर लगभग 3,700 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें AI सॉफ्टवेयर की मदद से आपराधिक इतिहास वाले लोगों की पहचान ‘फेस रिकग्निशन’ (चेहरा पहचानने की तकनीक) से की जा रही है.
रथ यात्रा में शामिल 18 हाथियों की सुरक्षा के लिए खास ‘गजरक्षक सिस्टम’ तैयार किया गया है और हाथियों के पास तेज आवाज करने या पटाखे न फोड़ने के लिए पुलिस ने सख्त निर्देश दिए हैं. सभी ट्रकों पर GPS ट्रैकर लगाए गए हैं और 12 कंट्रोल रूम के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है.