दुर्ग दौरे पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव का भाजपा सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण तक साधा निशाना…
- बढ़ते अपराध, जेएलएन अस्पताल के निजीकरण और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की चर्चा पर भी खुलकर रखी अपनी बात
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने दुर्ग प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण, भिलाई के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (जेएलएन) के निजीकरण और कांग्रेस संगठन से जुड़े सवालों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
दुर्ग पहुंचने पर सिंहदेव ने सबसे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय मोतीलाल वोरा की धर्मपत्नी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वोरा परिवार से उनका वर्षों पुराना आत्मीय संबंध रहा है और उन्हें हमेशा मातृत्व का स्नेह मिला।
फोटो विवाद पर दी सफाई
हाल के फोटो विवाद पर सिंहदेव ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हर व्यक्ति को पहचान पाना संभव नहीं होता। नेताओं के साथ रोजाना बड़ी संख्या में लोग तस्वीरें खिंचवाते हैं। यदि बाद में कोई व्यक्ति किसी मामले में आरोपी निकलता है तो इसका अर्थ यह नहीं कि उससे जानबूझकर संबंध रखा गया था। उन्होंने कहा कि किसी आरोपी से जानबूझकर संपर्क रखना पूरी तरह गलत है।
‘कांग्रेस की ऐसी सोच नहीं’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत बयान कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं माना जा सकता। उनकी जानकारी में पार्टी की ऐसी कोई नीति नहीं है।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
टी.एस. सिंहदेव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में चाकूबाजी, दुष्कर्म, छेड़छाड़ और हिंसा जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार हर अपराध को पूरी तरह रोक नहीं सकती, लेकिन ऐसा माहौल जरूर बना सकती है जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे। उनका आरोप था कि वर्तमान सरकार इस दिशा में प्रभावी साबित नहीं हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण पर उठाए सवाल
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय धीरे-धीरे निजीकरण की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को यूनिवर्सल हेल्थ केयर के लक्ष्य पर काम करना चाहिए ताकि नागरिकों को इलाज के लिए अपनी जेब से खर्च न करना पड़े। इसके विपरीत सरकारी संसाधनों को निजी संस्थाओं को सौंपने की नीति अपनाई जा रही है।
जेएलएन अस्पताल के निजीकरण का किया विरोध
भिलाई के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के निजीकरण का विरोध करते हुए सिंहदेव ने कहा कि इस अस्पताल की स्थापना आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। यदि सरकारी अस्पतालों और उनकी संपत्तियों का निजीकरण किया जाएगा तो आम जनता पर इलाज का आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने इसे जनहित के खिलाफ बताते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम से जुड़े संस्थान का इस तरह निजीकरण दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ पर क्या बोले
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं पर सिंहदेव ने कहा कि वे किसी दौड़ में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व का ध्यान उन राज्यों पर केंद्रित है जहां 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ संगठन को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं चल रही है।