आज का मौसम, 20 जुलाई: सोमवार को इन इलाकों में होगी भारी बारिश, तेज हवाएं चलने का अलर्ट…
नई दिल्ली: मौसम विभाग ने बताया कि मॉनसून के कारण पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने की भी चेतावनी दी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 20 जुलाई को देश के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। सबसे अधिक असर उत्तर भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा भी हो सकती है, जिससे भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा रहेगा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश होगी। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। लोगों को बिजली गिरने और जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा का दौर बना रह सकता है। ओडिशा में भी कई जगह भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है। मेघालय और आसपास के क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हो सकती है। लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के मौसम का हाल
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। समुद्र तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पंजाब और हरियाणा में कई स्थानों पर उमस भरी
पंजाब और पड़ोसी राज्य हरियाणा में कई स्थानों पर रविवार को उमस भरी गर्मी रही। बठिंडा 40.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ पंजाब का सबसे गर्म स्थान रहा। दोनों राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के फिरोजपुर में भी गर्मी का प्रकोप रहा और वहां अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हल्की बारिश के बावजूद चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा में रोहतक 40.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान रहा। हिसार में भी गर्मी का प्रकोप रहा और वहां अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फतेहाबाद में अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस और गुरुग्राम में 35.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
पुंछ और राजौरी जिलों में मूसलाधार बारिश
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ का प्रकोप रहा। इसकी चपेट में आने से 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग लापता हैं। इसके बाद कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया। सबसे ज्यादा तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई। इसी तहसील में सबसे अधिक लोगों की मौत हुई। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के बीच बचाव दल लापता लोगों का पता लगाने के लिए तेजी से अभियान चला रहे हैं। अगले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में बारिश का अनुमान जताए जाने के बाद प्राधिकारियों ने पहलगाम और बालटाल मार्गों से अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है।