सड़क सुरक्षा के प्रति दुर्ग पुलिस की सतत एवं प्रभावी पहल से सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी, वर्ष 2026 में पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर परिणाम…
- यातायात पुलिस द्वारा लगातार विशेष अभियान, जनजागरूकता, सघन प्रवर्तन एवं जोखिम वाले क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
- ▪️ वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई तक जो सड़क दुर्घटनाएं हुई , उसमें त्वरित राहत, प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा उपायों के कारण मृतकों की संख्या घटकर 162 रही, जो वर्ष 2025 के 225 एवं वर्ष 2024 के 213 की तुलना में काफी कम है।
- ▪️ दुर्ग पुलिस द्वारा हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में वाहन चलाने, ओवर स्पीड, तीन सवारी, नो-पार्किंग एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार सख्त प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ विद्यालयों, महाविद्यालयों, औद्योगिक संस्थानों एवं आम नागरिकों के बीच व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान संचालित किए गए।
- ▪️ दुर्ग पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी लक्ष्य के साथ सड़क दुर्घटनाओं एवं जनहानि में कमी लाने हेतु निरंतर वैज्ञानिक, संवेदनशील एवं प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
दुर्ग: यातायात पुलिस, जिला दुर्ग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं आम नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्षभर लगातार विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन अभियानों के अंतर्गत यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम, ब्लैक स्पॉट की सतत निगरानी, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता, औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा प्रशिक्षण, संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी की गई।
इन सतत प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव वर्ष 2026 के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। जनवरी से जुलाई 2026 तक कुल 860 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 685 व्यक्ति घायल हुए तथा 162 व्यक्तियों की मृत्यु हुई। जबकि इसी अवधि में वर्ष 2025 में 225 तथा वर्ष 2024 में 213 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी। इससे स्पष्ट है कि सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि को कम करने की दिशा में दुर्ग पुलिस के निरंतर प्रयास प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं।
यातायात पुलिस द्वारा दुर्घटनाओं के बाद त्वरित रिस्पांस, समय पर राहत एवं बचाव, प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन तथा सड़क सुरक्षा संबंधी सतत जागरूकता अभियान भी दुर्घटनाओं की गंभीरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दुर्ग पुलिस आगे भी सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसी प्रकार निरंतर कार्य करती रहेगी।
थानावार विश्लेषण :
वर्ष 2026 (01 जनवरी से 31 जुलाई) के थाना-वार सड़क दुर्घटना आंकड़ों के अनुसार सुपेला थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 139 दुर्घटनाएं, 102 घायल एवं 10 मृतक, भिलाई नगर में 82 दुर्घटनाएं, 62 घायल एवं 26 मृतक, मोहन नगर में 70 दुर्घटनाएं, 51 घायल एवं 2 मृतक, वैशाली नगर में 69 दुर्घटनाएं, 51 घायल एवं 5 मृतक, जुनवानी में 57 दुर्घटनाएं, 29 घायल एवं 17 मृतक, जामुल में 47 दुर्घटनाएं, 39 घायल एवं 5 मृतक, छावनी में 42 दुर्घटनाएं, 30 घायल एवं 6 मृतक, दुर्ग कोतवाली में 36 दुर्घटनाएं, 33 घायल एवं 3 मृतक, उतई में 35 दुर्घटनाएं, 32 घायल एवं 8 मृतक, नंदिनी में 37 दुर्घटनाएं, 34 घायल एवं 15 मृतक, भिलाई-3 में 25 दुर्घटनाएं, 23 घायल एवं 8 मृतक, पुलगांव में 27 दुर्घटनाएं, 9 घायल एवं 14 मृतक, नेवई में 24 दुर्घटनाएं, 29 घायल एवं 3 मृतक, कुम्हारी में 27 दुर्घटनाएं, 17 घायल एवं 3 मृतक, पाटन में 29 दुर्घटनाएं, 20 घायल एवं 4 मृतक, अंडा में 12 दुर्घटनाएं, 7 घायल एवं 6 मृतक, अमोरा में 11 दुर्घटनाएं, 8 घायल एवं 5 मृतक, पुरानी भिलाई में 20 दुर्घटनाएं, 17 घायल एवं 3 मृतक, खुर्सीपार में 20 दुर्घटनाएं, 17 घायल एवं 3 मृतक, बोरसी में 15 दुर्घटनाएं, 32 घायल एवं 4 मृतक, स्मृति नगर में 15 दुर्घटनाएं, 17 घायल एवं 2 मृतक, जेवरा-सिरसा में 14 दुर्घटनाएं, 13 घायल एवं 1 मृतक, अंजोरा में 10 दुर्घटनाएं, 8 घायल एवं 6 मृतक तथा रानीतराई में 5 दुर्घटनाएं, 6 घायल एवं 2 मृतक दर्ज की गईं।
इन थाना क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों एवं यातायात के दबाव के अनुसार संबंधित थाना पुलिस एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से विशेष चेकिंग, दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थलों की निगरानी, ओवरस्पीड, नशे में वाहन चलाने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट संबंधी प्रवर्तन कार्रवाई तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए गए। इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या घटकर 162 रही, जबकि वर्ष 2025 में यह 225 तथा वर्ष 2024 में 213 थी। यह परिणाम सड़क सुरक्षा के प्रति दुर्ग पुलिस की सतत, वैज्ञानिक एवं जन-केंद्रित कार्यशैली को दर्शाता है।
जनहित संदेश :
दुर्ग पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे की अवस्था में वाहन न चलाएं, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन न चलाएं तथा सभी यातायात नियमों का पालन करें। आपकी सतर्कता एवं जिम्मेदारी ही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और अमूल्य जीवन बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
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