Home दुर्ग करोड़ों रुपये के स्वच्छता टेंडर के बावजूद भिलाई में सफाई व्यवस्था बदहाल...

करोड़ों रुपये के स्वच्छता टेंडर के बावजूद भिलाई में सफाई व्यवस्था बदहाल : डॉ. प्रदीप चौधरी

7
0
  • नगर निगम आयुक्त को पत्र सौंपकर तत्काल उच्चस्तरीय जांच एवं दोषी ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

11 अगस्त 2026 | भिलाई। करोड़ों रुपये के स्वच्छता टेंडर के बावजूद भिलाई शहर के अनेक क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं होने को लेकर भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह-संयोजक डॉ. प्रदीप कुमार चौधरी ने नगर निगम आयुक्त को पत्र सौंपकर मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच एवं लापरवाही बरतने वाले संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।

 

डॉ. चौधरी ने कहा कि भिलाई एक महत्वपूर्ण औद्योगिक नगरी होने के साथ-साथ लाखों नागरिकों का शहर है। ऐसे में स्वच्छता व्यवस्था केवल शहर की सुंदरता से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य और जनसुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कचरा उठाव, नालियों की सफाई, जलभराव एवं मच्छर नियंत्रण जैसी समस्याएं अभी भी देखने को मिल रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में जलभराव एवं गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।

 

डॉ. चौधरी ने कहा कि जनता के पैसों से करोड़ों रुपये स्वच्छता कार्यों पर खर्च किए जा रहे हैं तो उसका सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। केवल टेंडर जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता की जांच और ठेकेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

 

उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि स्वच्छता कार्यों की जमीनी स्तर पर जांच कराई जाए, लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार आर्थिक दंड एवं कठोर कार्रवाई की जाए तथा नालियों की सफाई, कचरा उठाव, जलनिकासी और मच्छर नियंत्रण की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।

 

डॉ. चौधरी ने कहा कि भिलाई के नागरिकों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन इस मामले में पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करे और जनहित से जुड़े इस विषय पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए।

 

इस अवसर पर डॉ. अनुज खरे, डॉ. सतींदर सिंह चबरा, डॉ. रोशन साहू एवं श्री आर. रूपेश भी उपस्थित थे ।