एफडीपी के द्वितीय दिवस के तकनीकी सत्र सफलतापूर्वक संपन्न…
भिलाई महिला महाविद्यालय, भिलाई में “Role of Artificial Intelligence in Present Scenario” विषय पर आयोजित एक-सप्ताह के ऑफलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के दूसरे दिन विभिन्न ज्ञानवर्धक तकनीकी सत्रों एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। दिवस के दौरान प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा माइनिंग तथा विभिन्न AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
FDP का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा छाया क्लॉडियस के प्रेरणादायी मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया जा रहा है। उनके प्रोत्साहन एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, तकनीकी जागरूकता, नवाचार तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में उभरती तकनीकों को अपनाने को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से विकसित होते क्षेत्र से निरंतर अपडेट रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
FDP के सफल आयोजन में FDP समन्वयक डॉ. भावना पांडेय एवं सह-समन्वयक के समर्पित प्रयासों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संसाधन व्यक्तियों के साथ समन्वय, तकनीकी सत्रों की व्यवस्था, प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा संपूर्ण कार्यक्रम के सुचारु संचालन में उनके निरंतर प्रयास सराहनीय रहे।
प्रथम तकनीकी सत्र
प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. आनंद ताम्रकार, हेड एवं एसोसिएट प्रोफेसर, SSIPMT ने “Intelligent Analysis using Data Mining” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने डेटा माइनिंग की अवधारणा तथा वर्तमान डिजिटल युग में इसकी महत्ता पर विस्तृत एवं प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
डॉ. ताम्रकार ने बड़ी मात्रा में डेटा को एकत्रित करने, संसाधित करने, उसका विश्लेषण करने तथा उससे उपयोगी एवं सार्थक जानकारी प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने बताया कि डेटा माइनिंग के माध्यम से जटिल डेटा सेट से महत्वपूर्ण पैटर्न, प्रवृत्तियों, संबंधों एवं छिपी हुई सूचनाओं की पहचान की जा सकती है।
उन्होंने विभिन्न डेटा माइनिंग तकनीकों तथा उनके विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डाला। यह सत्र प्रतिभागियों के लिए डेटा माइनिंग, इंटेलिजेंट एनालिसिस तथा आधुनिक निर्णय-निर्माण प्रणालियों में इसकी बढ़ती भूमिका को समझने की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी रहा।
द्वितीय तकनीकी सत्र
द्वितीय तकनीकी सत्र डॉ. ज्योति पिल्लई, प्रोफेसर, BIT, दुर्ग द्वारा “Application of AI” विषय पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते अनुप्रयोगों एवं महत्व पर एक ज्ञानवर्धक और प्रभावशाली व्याख्यान दिया।
डॉ. पिल्लई ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, अनुसंधान, व्यवसाय तथा दैनिक जीवन सहित विभिन्न क्षेत्रों में AI के उपयोग को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि AI विभिन्न कार्यों को अधिक प्रभावी, सटीक, बुद्धिमत्तापूर्ण एवं समय-बचत करने वाला बना सकता है।
व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने यह प्रदर्शित किया कि AI को शिक्षण, अनुसंधान, अकादमिक गतिविधियों एवं व्यावसायिक कार्यों में प्रभावी रूप से किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उभरती संभावनाओं तथा भविष्य पर इसके बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की।
यह सत्र प्रतिभागियों के लिए इस दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा कि AI केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि उत्पादकता, रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता तथा अकादमिक एवं व्यावसायिक कार्यों की प्रभावशीलता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र
दिवस के कार्यक्रम के अंतर्गत श्री अभिनव क्लॉडियस एवं श्री अविनाश सिन्हा द्वारा विशेष हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को विभिन्न AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग एवं उनके प्रभावी प्रयोग का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना था।
प्रशिक्षण के दौरान Effective Prompting पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि AI टूल्स से सटीक एवं उपयोगी परिणाम प्राप्त करने के लिए स्पष्ट, विशिष्ट, संदर्भयुक्त एवं सुव्यवस्थित प्रॉम्प्ट तैयार करना आवश्यक है। प्रतिभागियों को उचित निर्देश देने, आवश्यक संदर्भ जोड़ने, प्रॉम्प्ट को बेहतर बनाने तथा AI सिस्टम के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षकों ने विभिन्न AI टूल्स के माध्यम से कंटेंट निर्माण, प्रस्तुतीकरण तैयार करने, सूचना के विश्लेषण, नए विचार विकसित करने, अकादमिक कार्य, उत्पादकता बढ़ाने तथा व्यावसायिक गतिविधियों में AI के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। प्रतिभागियों को स्वयं इन टूल्स का प्रयोग करने तथा विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन
द्वितीय दिवस के संपूर्ण कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन एवं मंच संचालन सुश्री ज्योति शर्मा, सहायक प्राध्यापक, गणित विभाग द्वारा किया गया। उन्होंने तकनीकी सत्रों का परिचय कराया, संसाधन व्यक्तियों का स्वागत किया तथा पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित किया। उनके प्रभावी मंच संचालन ने कार्यक्रम को सफल एवं व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
FDP के दूसरे दिन महाविद्यालय के शिक्षकों की उत्साहपूर्ण एवं सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किए गए तकनीकी सत्रों तथा व्यावहारिक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के संयोजन ने इस दिवस को ज्ञानवर्धक, संवादात्मक एवं कौशल-आधारित बना दिया। प्रतिभागियों ने AI एवं डेटा माइनिंग के नवीनतम अनुप्रयोगों के साथ-साथ विभिन्न AI टूल्स के प्रभावी एवं व्यावहारिक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।
