September 1, 2026

पुलिस कर्मचारियों का बिना सहमति वेतन काटने के मामले में उज्जवल दीवान की याचिका पर उच्च न्यायालय बिलासपुर का अहम फैसला…

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (बिलासपुर) ने पुलिस कर्मचारियों के वेतन से बिना सहमति की जाने वाली कटौती के मामले में दायर याचिका पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह याचिका याचिकाकर्ता उज्जवल दीवान एवं अन्य द्वारा वर्ष 2020 में याचिका दायर की गई थी।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की एकल पीठ ने अपना निर्णय सुनाया।

मामले के मुख्य बिंदु:

वेतन कटौती पर आपत्ति: याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पुलिस कर्मचारियों के वेतन से की जा रही विशेष कटौतियों को रोकने के लिए संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन (Representation) प्रस्तुत किया गया था।

लंबे समय से लंबित मामला: याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पुलिस कर्मचारियों की सहमति के बिना की जा रही इस कटौती को लेकर दिए गए अभ्यावेदन पर संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया था।

हाईकोर्ट का सख्त निर्देश: उच्च न्यायालय ने मामले पर सुनवाई करते हुए संबंधित उत्तरदाता प्राधिकारी को निर्देश दिया है कि यदि याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर अब तक विचार नहीं किया गया है, तो आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर इस पर कानून के अनुसार और गुण-दोष (Merits) के आधार पर निर्णय लिया जाए।

उच्च न्यायालय ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना याचिका को अंतिम रूप से निपटा (Disposed of) दिया है। कोर्ट के इस रुख से लंबे समय से वेतन कटौती से परेशान पुलिस कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

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