आईआईआईई भिलाई चेप्टर ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी पर भिलाई में रीजिनल कार्यशाला का करेगा आयोजन…
- आईआईआईई भिलाई चैप्टर की गतिविधियों का होगा विस्तार, ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी से लेकर तकनीकी शोध तक होगी नई पहल
भिलाई। इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (आईआईआईई), भिलाई चैप्टर की चैप्टर काउंसिल की बैठक रविवार को सूर्या मॉल के निकट आई.सी.एच. में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता चैप्टर के चेयरमैन के. पटेल ने की। इस अवसर पर वाइस-चेयरमैन घनश्याम कुमार देवांगन, सचिव अवनीश दुबे, कोषाध्यक्ष विवेक गुप्ता, एक्स चेयरमैन एच. के. देसाई, एस. के. डोगरा सहित काउंसिल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में आगामी महिनों में ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी पर भिलाई में रीजिनल सार्थक कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं तकनीकी संस्थानों से संपर्क कर उनके विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सतत औद्योगिक विकास की दृष्टि से ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीकी आवश्यकता है और विद्यार्थियों एवं युवा इंजीनियरों को इस दिशा में अभी से ही तैयार करने के लिए आवश्यक कदम उठाना जरूरी है।
बैठक में चेयरमैन के. पटेल ने कहा कि सीनियर इंजीनियर्स एवं विशेषज्ञों के तकनीकी अनुभवों का लाभ युवाओं को मिले इसके लिए योजना बनाएंगे। वाइस चेयरमैन घनश्याम कुमार देवांगन ने बताया कि चेप्टर द्वारा विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में तकनीकी एवं शैक्षणिक सेमिनार, कार्यशाला, प्रतियोगिताएं आदि सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा प्रतियोगिता के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपहार में देने का निर्णय लिया गया, ताकि उनमें अध्ययन एवं पठन-पाठन की रुचि विकसित हो और वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार हो सकें।
सदस्य इंजीनियरों को तकनीकी शोध-पत्र लिखने और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग जर्नल्स में प्रकाशित करने के लिए प्रोत्साहित करने एवं आवश्यक मार्गदर्शन देने का भी निर्णय लिया गया। साथ ही विभिन्न चैप्टर्स के बीच समन्वय बढ़ाकर कार्यक्रमों, नवीन पहलों और बेस्ट प्रैक्टिसेज का आदान-प्रदान करने पर बल दिया गया।
बैठक में समीपवर्ती बालोद सहित आसपास के जिलों के विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की गतिविधियां आयोजित करने की योजना पर भी विचार हुआ। ऐसे संस्थानों की पहचान कर वहां तकनीकी एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को औद्योगिक इंजीनियरिंग, तकनीकी शिक्षा एवं कैरियर के अवसरों की जानकारी मिल सके।
बैठक में चैप्टर की वर्षभर की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों में से अधिकांश को सफलतापूर्वक पूरा करने पर संतोष व्यक्त किया गया। सदस्यों ने चैप्टर की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में काउंसिल के सामूहिक प्रयासों और सक्रिय सहभागिता की सराहना की।
भिलाई चैप्टर की डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करने का भी निर्णय लिया गया। चैप्टर की उपलब्धियों, तकनीकी गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ विशाल सिंह के सहयोग से कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इंजीनियरों को चेप्टर से जोड़ने सदस्यता अभियान को व्यापक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस हेतु बीएसपी सहित अन्य विभिन्न उद्योगों एवं तकनीकी संस्थानों में कार्यरत इंजीनियर्स और तकनीकी विशेषज्ञों को इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग से जोड़ने हेतु प्रयास किए जाएंगे। इससे चैप्टर में अधिक विविधता, सक्रिय सहभागिता और तकनीकी संवाद को बढ़ावा मिलेगा
बैठक में आगामी नेशनल कन्वेंशन, महिला सशक्तिकरण, नामांकन नीति, फेलोशिप, पुरस्कार तथा विद्यालय-महाविद्यालय केंद्रित अन्य गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।
अंत में भिलाई चैप्टर की सदस्यता, तकनीकी गतिविधियों एवं शैक्षणिक पहुंच को और व्यापक बनाने तथा चैप्टर को अधिक सक्रिय, प्रभावशाली एवं ज्ञान-केंद्रित मंच के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
———-
