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बीएसपी वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य महाप्रबंधक कार्मिक प्रशांत ओझा से की बैठक…

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भिलाई। बीएसपी वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने यूनियन अध्यक्ष उज्जवल दत्ता के नेतृत्व में भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक कार्मिक प्रशांत ओझा से मुलाकात कर संयंत्र के कर्मियों से जुड़े विभिन्न लंबित विषयों एवं समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।*

बैठक की शुरुआत में यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य महाप्रबंधक कार्मिक प्रशांत ओझा का भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यभार संभालने पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। यूनियन ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके कार्यकाल में कर्मियों से जुड़े अनेक लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान होगा।

बैठक में यूनियन ने कर्मियों के ग्रेडेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग रखते हुए कहा कि कर्मियों को दिए जाने वाले ग्रेडेशन को डिस्प्ले किया जाना चाहिए तथा यदि किसी कर्मचारी को ग्रेडेशन में आपत्ति या सुधार की आवश्यकता हो तो उसे अपनी आपत्ति दर्ज कराने एवं सुधार का अवसर मिलना चाहिए। इस पर मुख्य महाप्रबंधक कार्मिक ने बताया कि सेल स्तर पर इस संबंध में नीति तैयार की जा रही है, जिसमें कर्मियों के ग्रेडेशन को प्रदर्शित करने का प्रावधान रहेगा और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।

यूनियन के युवा पदाधिकारियों ने तकनीकी एवं उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले कर्मियों को प्रोत्साहित करने का मुद्दा उठाते हुए डिग्री एवं हायर एजुकेशन के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को वर्तमान ₹10,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 किए जाने की मांग रखी। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इस संबंध में प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है तथा जल्द ही सकारात्मक निर्णय होने की संभावना है।

यूनियन ने यह भी मांग रखी कि जिस कर्मचारी ने एक बार हायर एजुकेशन के लिए निर्धारित अनुमति प्राप्त कर ली है, उसे प्रत्येक सेमेस्टर के लिए बार-बार अनुमति लेने की प्रक्रिया से मुक्त किया जाए। इस पर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि एक बार हायर एजुकेशन के लिए अनुमति प्राप्त करने के बाद प्रत्येक सेमेस्टर में दोबारा अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।

आरएफआईडी प्रक्रिया का विरोध

बैठक में यूनियन ने कर्मियों की हाजिरी के लिए लाई जा रही आरएफआईडी प्रक्रिया का विरोध किया। यूनियन अध्यक्ष उज्जवल दत्ता ने कहा कि कर्मियों पर लगातार नए-नए प्रयोग करने के बजाय प्रबंधन को पहले से लंबित मूलभूत समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ-कुछ समय के अंतराल पर हाजिरी की नई-नई प्रक्रियाएं लागू किए जाने से कर्मियों में अनावश्यक मानसिक तनाव उत्पन्न होता है।

यूनियन ने संयंत्र में कैंटीन व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी रखी। विशेषकर सेकंड एवं नाइट शिफ्ट में कार्य करने वाले कर्मियों के लिए शाम के बाद कई विभागों में नाश्ते एवं भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए यूनियन ने प्रबंधन से शीघ्र उचित व्यवस्था करने की मांग की।

आमसभा एवं हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

यूनियन ने सेवा की आमसभा की बैठक जल्द आयोजित करने तथा आमसभा में आय-व्यय एवं संबंधित वित्तीय हिसाब-किताब को पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करने की मांग भी रखी।

ट्रेनी एवं महिला ट्रेनीज की सुरक्षा पर विशेष चर्चा

बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र में ट्रेनिंग के लिए आने वाले ट्रेनीज की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन ने विशेष रूप से महिला ट्रेनीज की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन से आवश्यक सावधानी बरतने की मांग की।

यूनियन ने सुझाव दिया कि ट्रेनीज को हैजार्ड एरिया में न भेजा जाए, उन्हें गेट से अत्यधिक दूर स्थित विभागों में तैनात न किया जाए तथा उनसे उनके प्रशिक्षण से अलग किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत कार्य न लिया जाए। यूनियन ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

बैठक में मुख्य महाप्रबंधक कार्मिक प्रशांत ओझा, महाप्रबंधक आईआर राजीव कुमार सहित बीएसपी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष उज्जवल दत्ता, शिवबहादुर सिंह, दिलेश्वर राव, अमित बर्मन, शेख महमूद, सुरेश सिंह, प्रदीप सिंह, विमल पांडे, मनोज डड़सेना, राजकुमार सिंह, संदीप सिंह, अभिषेक सिंह, धनंजय गिरि, हिमांशु सिंह, लुमेश कुमार, सुशीला नायर, ढाकेश्वरी परगनिया, दीपेश चुग एवं विश्वनाथ देवांगन प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

— बीएसपी वर्कर्स यूनियन, भिलाई