- डोमिनोज पिज्जा विवाद में अमनदीप सिंह की प्रेसवार्ता, बोले- “मामला एकतरफा दिखाया गया, पूरी CCTV फुटेज सामने आए”
- युवा कांग्रेस चुनाव के बीच पुराने विवाद को लेकर राजनीति का आरोप, अमनदीप ने कहा- “नाम खराब करने की कोशिश हुई तो कोर्ट जाएंगे”
भिलाई। नेहरू नगर स्थित डोमिनोज पिज्जा में 29 अगस्त की रात हुए विवाद को लेकर युवा कांग्रेस के दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अमनदीप सिंह ने प्रेसवार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना से जुड़ी खबरें मीडिया में एकतरफा तरीके से प्रसारित की गईं और उनका तथा उनके साथियों का पक्ष जाने बिना ही उन्हें विवाद से जोड़कर पेश किया गया।
अमनदीप सिंह के मुताबिक, 29 अगस्त की रात करीब 2 से 2:30 बजे उनके साथी और छोटे भाई नितिन बुंदेला का फोन आया कि कुछ लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह अहिवारा में थे, इसलिए तत्काल मौके पर नहीं पहुंच सकते थे। इसके बाद उन्होंने जेवरा-सिरसा में रहने वाले अपने साथी खिलेश्वर यादव को मौके पर भेजा और बाद में स्वयं भी वहां पहुंचे।
अमनदीप का दावा है कि मौके पर डायल-112 और PCR की टीम पहुंच चुकी थी और कुछ लोगों को थाने ले जाया जा रहा था। उनका कहना है कि जब उन्होंने घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की तो उनके साथ गाली-गलौज और झूमाझटकी हुई, लेकिन उनके अनुसार उनके द्वारा किसी तरह की मारपीट नहीं की गई।
“पूरी CCTV फुटेज सामने लाई जाए”
प्रेसवार्ता में अमनदीप सिंह ने कहा कि मीडिया में जिस CCTV फुटेज को दिखाया जा रहा है, वह घटना का पूरा घटनाक्रम नहीं दिखाता। उन्होंने पुलिस से मांग की कि घटना से पहले का करीब एक घंटे का CCTV फुटेज भी सामने लाया जाए, ताकि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट में कौन-कौन शामिल था, यह स्पष्ट हो सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस चुनाव में प्रत्याशी होने के कारण राजनीतिक रूप से उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। अमनदीप ने यह भी दावा किया कि उनके पास ऐसी रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसमें मीडिया में खबर चलाने को लेकर बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इन साक्ष्यों के साथ शिकायत करेंगे और न्यायालय का रुख भी करेंगे।
नितिन ने भी बताई अपनी बात
प्रेसवार्ता में विवाद में घायल होने का दावा करने वाले नितिन ने भी अपना पक्ष रखा। नितिन के अनुसार, वह नेहरू नगर चौक के पास ATM की ओर जा रहे थे, तभी डोमिनोज के पास पहले से विवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि उन्होंने विवाद शांत कराने की कोशिश की, जिसके बाद उनके साथ गाली-गलौज की गई और कुछ लोगों को बुलाया गया।
नितिन का आरोप है कि करीब 12 से 15 लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें डोमिनोज के अंदर एक हॉल में ले जाकर लाठी-डंडे और कुर्सी से पीटा गया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया है। नितिन ने पुलिस से मांग की कि पूरी CCTV फुटेज की जांच कराई जाए और यह भी पता लगाया जाए कि CCTV फुटेज मीडिया तक किस माध्यम से पहुंचा।
युवा कांग्रेस चुनाव से जोड़कर लगाए राजनीतिक आरोप
अमनदीप सिंह ने पूरे घटनाक्रम को युवा कांग्रेस चुनाव से भी जोड़ते हुए राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव में उनकी सक्रियता और राजनीतिक समीकरणों के चलते उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, प्रेसवार्ता में लगाए गए इन आरोपों और घटना से जुड़े अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक घटनाक्रम क्या था, यह पुलिस जांच, CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
दुर्ग पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
पूरे मामले में अब सबसे अहम सवाल CCTV फुटेज और घटना के वास्तविक घटनाक्रम को लेकर है। ऐसे में दुर्ग पुलिस को चाहिए कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करे। घटना से पहले और बाद के CCTV फुटेज को सुरक्षित कर उसकी जांच की जाए, घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाए और उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि मीडिया में सामने आया फुटेज किसने उपलब्ध कराया, क्या वह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है या केवल किसी एक हिस्से का है और वास्तविक विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई।
जांच के बाद जो तथ्य सामने आएं, उसी के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि प्रभावित न हो और पीड़ित पक्ष को भी न्याय मिल सके।
अब नजर दुर्ग पुलिस की जांच पर है कि इस पूरे विवाद की वास्तविक कहानी क्या है और CCTV समेत अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में क्या नया सामने आता है।




