- गोरेलाल सिन्हा राघोबा महाड़िक, ऋतिक सिन्हा समेत 06 नेताओं की घर वापसी से जिले की राजनीति गरमाई।
राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :– प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अनुशासन समिति की अनुशंसा पर गरियाबंद जिले के 06 नेताओं समेत प्रदेश के 20 नेताओं का निष्कासन रद्द कर दिया है। करीब दो साल बाद हुए इस फैसले से जिले की कांग्रेस राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि कुछ हाईप्रोफाइल अनुशासन संबंधी मामले अभी भी लंबित हैं और उन पर अलग से निर्णय लिया जाएगा।
इधर गरियाबंद जिले में कांग्रेस नेताओं की निष्कासन समाप्त होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल बना हुआ है।
कोपरा में कांग्रेस नेता गोरेलाल सिन्हा की कांग्रेस में वापसी होने पर नगर के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने स्थानीय बस स्टैंड में आतिशबाजी फूलमाला और गुलाल लगाकर जोशीला स्वागत किया। इस अवसर पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी ठाकुर ओंकार सिंह ने गोरेलाल सिन्हा की वापसी पर कहा प्रदेश कांग्रेस ने नगरीय निकाय चुनाव के दौरान निष्कासित नेताओं की कांग्रेस में वापसी करने के आदेश जारी किया है उसका हम सब स्वागत करते हैं निश्चित ही इस निर्णय से कांग्रेस पार्टी मजबूत होगा आगामी विधानसभा चुनाव में हम सब साथ मिलकर विपक्षी दल से पूरे दमखम के साथ सामना करेंगे।
इस मौके पर प्रमुख रूप से वरिष्ठ कांग्रेस नेता ठाकुर राम साहू केज़ुराम साहू गिरधारी राम साहू अवधराम सिन्हा पार्षद विक्रम उर्फ विक्की साहू पार्षद शिवम सिन्हा बेदराम साहू डॉ रमेश साहू भारत देवांगन शंकर पुरैना रिकेश साहू वेदप्रकाश साहू इशू तारक कोमल साहू अश्वनी साहू पार्षद प्रतिनिधि बेदराम साहू दीपक देवांगन सोनू सतनामी एन कुमार यादव सहित बड़े संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता गोरेलाल सिन्हा को बधाई देते हुए स्वागत किया।
गरियाबंद जिले से गोरेलाल सिन्हा राघोबा महाड़िक, ऋतिक सिन्हा समेत सात नेताओं भविष्य प्रधान,भानुप्रताप साहू, सुशील सोनी और महावीर साहू की पार्टी में वापसी हुई है। लंबे समय बाद इन नेताओं की संगठन में वापसी को जिले में कांग्रेस के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस ने रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, राजनांदगांव और कोंडागांव जिले के नेताओं की वापसी किया है।
अनुशासन समिति ने पिछले दो वर्षों से लंबित प्रकरणों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया। निकाय चुनाव और संगठनात्मक गतिविधियों के दौरान निष्कासित किए गए कई नेताओं के आवेदन पर विचार करते हुए उनकी वापसी का रास्ता साफ किया गया।
हालांकि, पार्टी ने कुछ चर्चित अनुशासन मामलों में अभी फैसला सुरक्षित रखा है। इन मामलों में संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों और डीसीसी से अभिमत मांगा गया है। प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में होने वाली आगामी बैठक में इन प्रकरणों पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अनुशासन समिति ने पिछले दो वर्षों से लंबित प्रकरणों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया। निकाय चुनाव और संगठनात्मक गतिविधियों के दौरान निष्कासित किए गए कई नेताओं के आवेदन पर विचार करते हुए उनकी वापसी का रास्ता साफ किया गया।
हालांकि, पार्टी ने कुछ चर्चित अनुशासन मामलों में अभी फैसला सुरक्षित रखा है। इन मामलों में संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों और डीसीसी से अभिमत मांगा गया है। प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में होने वाली आगामी बैठक में इन प्रकरणों पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।



