इस्पात नगरी भिलाई के सेक्टर-6 स्थित प्रतिष्ठित भिलाई नगर कालीबाड़ी में रविवार 25 अक्टूबर को बंगाली समाज का प्रमुख धार्मिक पर्व कोजागरी लक्ष्मी पूजा पारंपरिक रीति-रिवाजों, श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई तथा सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की गई।बंगाली समुदाय में कोजागरी लक्ष्मी पूजा का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। दुर्गा पूजा के पांच दिन बाद आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर मां लक्ष्मी की आराधना की जाती है। भिलाई नगर कालीबाड़ी में इस अवसर पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित कर शाम 7 बजे से पूजा-अर्चना प्रारंभ हुई, जो रात 10 बजे तक चली। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कालीबाड़ी के पुजारी पंडित मानस मिश्रा के मार्गदर्शन में पूजा पारंपरिक विधि-विधान मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। मां लक्ष्मी को नारियल के लड्डू, तिल के लड्डू, मुर्रा के लड्डू, लाई के लड्डू एवं नारियल पानी सहित विभिन्न पारंपरिक सामग्रियों का भोग अर्पित किया गया। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी, खीर एवं चटनी सहित प्रसाद का वितरण किया गया। कोजागरी लक्ष्मी पूजा का संदेश है कि प्रत्येक घर में सुख-समृद्धि, शांति, सद्भाव और खुशहाली बनी रहे।भिलाई नगर कालीबाड़ी में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के माध्यम से बंगाली समाज की समृद्ध परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक देखने को मिली। मां लक्ष्मी की आराधना और प्रसाद वितरण के साथ पूरा आयोजन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।




