कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद पर आसीन प्रधानमंत्री के प्रति ऐसी भाषा का प्रयोग राजनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध है।राजनीति में विचारों का विरोध होना चाहिए, व्यक्तित्व का अपमान नहीं। लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना हर किसी का अधिकार है, लेकिन अभद्र भाषा किसी भी नेता की गरिमा को बढ़ाती नहीं, बल्कि उसकी राजनीतिक सोच और संस्कारों पर सवाल खड़े करती है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश की जनता के जनादेश से चुने गए नेता हैं। उनका विरोध करने के लिए कांग्रेस को तथ्यों, नीतियों और जनहित के मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेना चाहिए।कांग्रेस नेतृत्व को समझना चाहिए कि शब्दों की मर्यादा ही लोकतंत्र की गरिमा है। जनता सब देख रही है और समय आने पर अपने विवेक से जवाब भी देती है।मैं कांग्रेस अध्यक्ष से अपेक्षा करता हूँ कि वे अपने शब्दों पर आत्ममंथन करें और सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक शुचिता एवं मर्यादा बनाए रखें।
डॉ. प्रदीप कुमार चौधरी
प्रदेश सह-संयोजक, चिकित्सा प्रकोष्ठ
भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़



