- कांग्रेसजनों ने निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग
दुर्ग, 31 अक्टूबर 2026। दुर्ग शहर के सिकोला भाठा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15 में बिजली के खंभे में करंट प्रवाहित होने से कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्र निवासी स्वर्गीय विनोद निषाद की दर्दनाक मौत के मामले ने नगर निगम की विद्युत व्यवस्था एवं सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर आज सिकोला भाठा के निवासियों एवं कांग्रेसजनों ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि दिनांक 28 अक्टूबर 2026 को बिजली के खंभे में करंट उतरने से विनोद निषाद की असमय मृत्यु हो गई। यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि विद्युत खंभों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था में बरती गई गंभीर लापरवाही का परिणाम है। यदि समय रहते विद्युत खंभों का निरीक्षण और आवश्यक सुधार किया गया होता तो संभवतः एक परिवार का सहारा आज उनके बीच होता। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त के समक्ष मांग रखी कि इस घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित एवं पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए तथा परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी प्रदान की जाए, जिससे परिवार को भविष्य में आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
कांग्रेसजनों ने कहा कि नगर निगम का दायित्व केवल सड़क, नाली और निर्माण कार्य कराना ही नहीं, बल्कि नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। शहर में यदि बिजली के खंभे ही लोगों की जान के लिए खतरा बन जाएं तो यह नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? क्या किसी नागरिक की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा? कांग्रेस ने मांग की कि शहर के सभी वार्डों में विद्युत खंभों, खुले तारों एवं विद्युत सुरक्षा व्यवस्था का तत्काल सर्वे कराकर आवश्यक सुधार किए जाएं।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि स्वर्गीय विनोद निषाद की असमय मृत्यु अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। एक परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया और पीछे परिवार को असहनीय पीड़ा एवं आर्थिक संकट में छोड़ दिया गया है। यह घटना नगर निगम की घोर लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता को उजागर करती है। आखिर आम नागरिक की जान की कीमत क्या है? क्या प्रशासन केवल घटना के बाद जांच और आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेगा?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय को चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेगी। हमारी स्पष्ट मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई हो, पीड़ित परिवार को सम्मानजनक आर्थिक मुआवजा मिले तथा परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए। केवल जांच का आश्वासन पर्याप्त नहीं है, परिवार को तत्काल राहत और न्याय मिलना चाहिए। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर उनकी आवाज बनकर संघर्ष करती रहेगी।
इस दौरान धीरज बाकलीवाल, संजय कोहले नेता प्रतिपक्ष, रायसिंग दिकोला,दीपक साहू, अजय मिश्रा, विजयंत पटेल, भास्कर कुंडले, मनीष बघेल, नासिर खोखर, सुशील भारद्वाज, पायल पाटिल, देवश्री साहू, मनोज सिन्हा, मनीषा सोनी, देव सिन्हा, पप्पू श्रीवास्तव, अशोक मेहरा, लता साहू, गौरव उमरे, चंद्रमोहन गभने, मनीष सोनवानी, भूपेश सेन, ईश्वर साहू, हिमांशु सिन्हा, अमित सेन सहित सिकोला भाठा क्षेत्र के निवासी, कांग्रेसजन एवं स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




